Giridih News : बिरनी. बिरनी प्रखंड मुख्यालय से महज डेढ़ किलोमीटर दूर सरिया राजधनवार मुख्य मार्ग पर सिमराढाब पंचायत अंतर्गत बरहमसिया मोड़ स्थित नवादा में ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना के तहत लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से बनी पानी टंकी 13 वर्षों की लंबी आस के बाद भी लोगों की प्यास नहीं बुझी है. गत 26 अप्रैल को बंद पानी टंकी से अविलंब जलापूर्ति शुरू करने के डीसी रामनिवास यादव के निर्देश के बाद विभाग रेस तो हुआ, पर अभी तक लोगों को पानी की एक बूंद नसीब नहीं हुई.
जांच के नाम पर 10 दिन हुई जलापूर्ति फिर वही समस्या :
12 वर्षों के बाद पानी टंकी के सौदर्यीकरण व मरम्मत के नाम पर दो करोड़ 80 लाख रु खर्च कर क्षतिग्रस्त पाइप व कल-पुर्जे को सुदृढ़ करने के बावजूद लोगों को पानी नहीं मिल पाया. बीते अप्रैल 26 को उपायुक्त के सख्त निर्देश के बाद विभागीय अधिकारियों ने इतनी राशि खर्च कर सड़क किनारे बिछाई गयी पाइप से लीकेज की जांच के नाम पर दो माह में लगभग 10 दिन जलापूर्ति की गयी और फिर बंद कर दी गयी.
जलस्रोत काफी नीचे चला गया :
भीषण गर्मी के कारण जलस्रोत काफी नीचे चला गया है. बिरनी प्रखंड मुख्यालय स्थित कई दुकानदारों के घरों में लगाया गया चापाकल जवाब दे गया. इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है. उपायुक्त के दौरे के बाद लोगों को लगा था कि अब बरहमसिया, नवादा, सिमराढाब, पलौंजिया, जीतकुंडी, बिरनी समेत कई गांव के लोगों को नियमित पानी मिलेगा, पर फिर से लोग ठगा महसूस करने लगे हैं.
क्या कहते हैं कनेक्शन लेने वाले लोग :
कनेक्शन लेनेवाले मनोज साव, उत्तम साव, गुरुदेव साव, पिंटू कुमार व रघु मोदी ने कहा कि पानी की समस्या काफी बनी हुई है. पानी सपने की तरह सप्ताह में एक- आध दिन आता है. विभागीय कनीय अभियंता दानिश इबरार से दूरभाष पर बात करने का प्रयास किया गया, परंतु कॉल रिसीव नहीं हुआ.
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