बैठक का मुख्य मुद्दा संघ को मजबूत करना व जिले में नियम विरोधी आदेश पर रोक लगाना था. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान में राजस्व उप निरीक्षक, जनसेवक व समाहरणालय अनुसचिवीय संवर्ग का सामूहिक स्थानांतरण में किसी भी नियम का पालन नहीं किया गया. सेवानिवृत होने वाले कर्मी समेत एक स्थान पर मात्र तीन माह तक कार्य करने वाले दर्जनों कर्मी का स्थानांतरण कर एक तरफ विरमित करने का आदेश जारी कर दिया गया है. संघ-महासंघ को कमजोर करने के लिए इसके पदाधिकारियों को भी स्थानांतरित कर कर दिया गया है. इस स्थानांतरण आदेश के पूर्व सरकारी नियमानुसार अभ्यावेदन व तीन वैकल्पिक स्थान चयन का भी अवसर नहीं दिया गया. उपरोक्त बिंदुओं के अलावे वर्तमान प्रशासन काल में समाहरणालय संवर्ग के सभी कर्मचारी अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.
जुलाई व दिसंबर में है स्थानांतरण का प्रावधान
दुर्गापूजा जैसे महत्वपूर्ण त्योहार के समय सामूहिक स्थानांतरण का कोई औचित्य नहीं है. सरकारी नियमानुसार जुलाई व दिसंबर माह में ही स्थानांतरण करने का प्रावधान है. उपरोक्त बिंदुओं पर कर्मचारियों के आक्रोश को देखते हुए निर्णय लिया गया कि पांचों संघ को एकजुट होते हुए आदेश का विरोध करें. यदि स्थानांतरण आदेश की त्रुटियों दूर नहीं की गयी, तो बैठक बुलाकर आंदोलन की रणनीति तय की जायेगी. पांचों संघ के पांच-पांच वरीय पदाधिकारियों को मिलाकर सामूहिक मोर्चा तैयार किया गया. बताया गया कि मोर्चा के सभी पदाधिकारियों की अगली बैठक 21 सितंबर को गिरिडीह प्रखंड सभागार में होगी.
इन्होंने भी किया संबोधित
बैठक को अशोक कुमार सिंह नयन, अमर किशोर प्रसाद सिन्हा, मुक्तेश्वर प्रसाद, रूपलाल महतो, वशिष्ठ सिंह, लखन लाल पंडित, राजकिशोर साहू, मोबिन अहमद, गुरूदेव कुमार, संजीत ठाकुर, अमित सिंह, दिनेश्वर हाजरा, श्रीकांत वर्मा, जितेंद्र सिंह, मो सत्तार, जवाहरलाल दास, विजय प्रसाद, स्टीफन मरांडी, संतोष कुमार, शशिलाल हेंब्रम, राजेश कुमार आदि ने भी संबोधित किया. बैठक की अध्यक्षता लखन लाल पंडित, अमर किशोर प्रसाद सिन्हा, वशिष्ट कुमार सिंह व जवाहर लाल दास की मंडली ने की.
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