प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस फैसले पर आभार व्यक्त जताया. बता दें कि झारखंड में करीब सात लाख से अधिक ऐसे मकान और दुकान बने हुए हैं जो सरकार के इस फैसले के बाद टूटने से बच जायेंगे. मंत्री श्री सोनू ने कहा कि झारखंड में बगैर नक्शा के जो भी मकान और दुकान बने हुए हैं, उसे नियमितीकरण को लेकर सरकार ने उदार नीति लायी है, जिससे झारखंड के सभी वर्ग के लोगों को लाभ मिलेगा. राज्य सरकार किसी भी घर को तोड़ना नहीं चाहती है, लेकिन सरकार की कोई भी योजना आम जनता के सहयोग के बिना लागू करना संभव नहीं है.
सरकार के फैसले की किया स्वागत
इधर, चेंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव प्रमोद कुमार ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि सरकार के इस फैसले से व्यवसायियों के साथ आम लोगों को भी फायदा मिलेगा. प्रतिनिधिमंडल में जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव प्रमोद कुमार, सह सचिव निर्मल विश्वकर्मा, कार्यकारिणी सदस्य प्रवीण बगेड़िया, सुनील मोदी, नीलकमल भारतीय, अभिषेक बगेड़िया, दिनेश खेतान, मो अफरोज, मो अफजल, संजय बगेड़िया, गोपाल बगेड़िया, आयुष बगेड़िया व अन्य शामिल थे.
