Giridih News : गिरिडीह. ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर ऑनलाइन दवा व्यापार के खिलाफ बुधवार को गिरिडीह जिले की तमाम दवा दुकानें पूर्णतः बंद रहींं. इसके पूर्व दवा विक्रेताओं ने शहरी क्षेत्र में रैली निकालकर प्रदर्शन किया. साथ ही केंद्र सरकार पर निशाना भी साधा. इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में जिले में करीब पांच करोड़ का व्यवसाय प्रभावित हुआ.
मरीजों की सुरक्षा खतरे में :
संघ ने स्थानीय प्रशासन के माध्यम से पीएम के नाम एक ज्ञापन सौंपा. गिरिडीह जिला दवा विक्रेता संघ के सचिव सुजीत कपिस्वे ने बताया कि ज्ञापन के जरिये बिना किसी कड़े नियम के धड़ल्ले से ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गयी. साथ ही कहा कि दवा कोई सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं है. उचित सत्यापन के बिना इनकी बिक्री ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के नियमों का उल्लंघन है और मरीजों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है. कहा कि दी जा रही छूट से छोटे और लाइसेंसधारी केमिस्टों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है. संघ ने जीएसआर 817(इ) एवं जीएसआर220 (इ) को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है, जिनका दुरुपयोग ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स ऑपरेटर्स द्वारा किया जा रहा है.
सरकार कर रही हितों की अनदेखी :
प्रतिनिधियों ने याद दिलाया कि कोविड महामारी के दौरान इन्हीं केमिस्टों ने फ्रंटलाइन वर्कर्स के रूप में अपनी जान जोखिम में डालकर निर्बाध सेवा दी थी, पर सरकार अब उनके हितों की अनदेखी कर रही है. सचिव श्री कपिस्वे ने कहा कि हड़ताल पूरी तरह शांतिपूर्ण रही. मानवीय रुख अपनाते हुए संघ ने आपातकालीन स्थितियों में जरूरतमंद मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध करायीं. आंदोलन को सफल बनाने में अध्यक्ष राजेश कुमार, कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल सहित मुकेश आनंद, मृत्युंजय गुप्ता, मनीष गुप्ता, अरविंद सिन्हा, संजय सिंह, विकास केडिया, सुनील डंगाईच, प्रदीप केडिया, आशीष खंडेलवाल, अनिल खंडेलवाल, सुनील खंडेलवाल और संघ के भारी संख्या में सदस्य मौजूद थे. .
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