गांडेय में छात्रों को बांटी जाने वाली 12 साइकिलें चोरी, दो रात में क्लस्टर स्कूल से हुई वारदात

गांडेय प्रखंड के बुधुडीह स्कूल में छात्र-छात्राओं के लिए रखी गईं 12 साइकिलें रात में चोरी हो गईं. इस घटना ने कल्याण विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. संवेदक ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है.

गांडेय प्रखंड के राजकीयकृत आदर्श मध्य विद्यालय बुधूडीह (क्लस्टर) परिसर से दो रात में छात्र-छात्राओं के बीच वितरण के लिए रखी गयी करीब एक दर्जन साइकिलों की चोरी का मामला सामने आया है. कल्याण विभाग की ओर से विद्यार्थियों के बीच वितरित की जाने वाली साइकिलों की चोरी की घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कल्याण विभाग की ओर से प्रखंड के छात्र-छात्राओं के बीच साइकिल वितरण के लिए मवि बुधूडीह को क्लस्टर बनाया गया है. विद्यालय परिसर में ‘क्रॉस’ कंपनी की साइकिलों की फिटिंग का काम चल रहा था.

साइकिल फिटिंग का काम बिहार के बेगूसराय निवासी संवेदक मो. चांद के अधीन कार्यरत मजदूर अरशद अंसारी, समशेर अंसारी और इमामउल हक कर रहे हैं. मजदूरों के अनुसार, पहली घटना 30 अगस्त की रात हुई. उनका कहना है कि अज्ञात चोरों ने फिटिंग के बाद साइकिलों को बांधने वाले चेन का ताला काटकर परिसर से पांच साइकिलें चोरी कर लीं.

दूसरी रात कमरे का ताला तोड़कर सात साइकिलें ले गये

मजदूरों के मुताबिक, इसके बाद एक सितंबर की रात चोरों ने क्लस्टर के एक कमरे का ताला तोड़ दिया और अंदर रखी सात साइकिलें लेकर फरार हो गये. इस तरह दोनों घटनाओं में कुल 12 साइकिलों की चोरी की बात सामने आ रही है. लगातार दो रात विद्यालय परिसर में चोरी होने के बावजूद मामले की सूचना अब तक संबंधित थाना को नहीं दिए जाने की बात कही गयी है.

मामले को लेकर विभाग, संवेदक और स्कूल प्रबंधन की ओर से पुलिस को सूचना नहीं देने की स्थिति में चोरी की घटनाओं की स्वतंत्र पुलिस पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आयी है. ऐसे में चोरी की बतायी गयी संख्या और घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी.

संवेदक ने विभाग पर उठाया सुरक्षा का सवाल

संवेदक मो. चांद ने बताया कि साइकिलों के भंडारण और वितरण की जिम्मेदारी कल्याण विभाग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की ओर से समय पर साइकिलों का वितरण नहीं कराया जा रहा है और साइकिलों की सुरक्षा के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. संवेदक के बयान के अनुसार, लंबे समय तक साइकिलें विद्यालय परिसर में रखे जाने से उनकी सुरक्षा को लेकर समस्या बनी हुई थी.

प्रखंड कल्याण पदाधिकारी बोले- सुरक्षा की जिम्मेदारी संवेदक की

प्रखंड कल्याण पदाधिकारी मुकेश कुमार आनंद ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है. उन्होंने कहा कि साइकिलों के वितरण से पहले उनकी सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी संवेदक की होती है. इस तरह चोरी की घटना के बाद साइकिलों की सुरक्षा को लेकर विभाग और संवेदक के दावों में अंतर सामने आया है.

फिलहाल दो रात में 12 साइकिलों की चोरी की सूचना के बाद विद्यालय परिसर में रखी अन्य साइकिलों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. मामले में पुलिस को सूचना दिए जाने और जांच के बाद ही चोरी की घटना, नुकसान और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

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By Samsul ansari

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