दोनों मंडलों में बैठकों का आयोजन कर मंडल अध्यक्ष पद के तीन-तीन दावेदारों के नाम सूचीबद्ध किये गये. बैठक के दौरान संबंधित मंडल में रहने वाले भाजपा के बूथ अध्यक्ष से लेकर प्रदेश स्तरीय नेता व कार्यकर्ता को शामिल हो रहे हैं. इसे लेकर गहमागहमी की स्थिति है. मंडल प्रभारी को सभी से रायशुमारी करके मंडल अध्यक्ष पद के लिए तीन-तीन नामों को सूचीबद्ध कर बंद लिफाफे में जिला चुनाव अधिकारी को सुपुर्द करना है.
पार्टी सूत्रों के मुताबिक बुधवार को जमुआ विधानसभा क्षेत्र के चतरो मंडल व धनवार विधानसभा क्षेत्र के मंशाडीह मंडल में रायशुमारी होनी है. मंडल अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया शुरू होने से दावेदारों की गतिविधियां बढ़ गयी हैं. बताया गया कि 20 मार्च तक जिले के सभी 34 मंडलों में मंडल अध्यक्षों के नामों को लेकर रायशुमारी कर ली जायेगी.पार्टी सूत्रों के मुताबिक मंडल अध्यक्ष पद के लिए उम्र सीमा तय की गयी है. इस पद के लिए 35 से लेकर 45 वर्ष तक के उम्र वाले कार्यकर्ता ही दावेदारी कर सकते हैं. रायशुमारी के दौरान इस बात को ध्यान में रखा जा रहा है कि संबंधित दावेदार युवा और अनुशासित हो. साथ ही पार्टी के प्रति उसका समर्पण भाव रहे. चूंकि इस बार युवाओं के कांधे पर संगठन की बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की योजना है.
लिहाजा मंडल प्रभारियों को इस बारे में चुनाव अधिकारी द्वारा दिशा निर्देश दिया जा चुका है. इधर, कई मंडलों में तीन नामों के पैनल में स्वयं का नाम शामिल कराने को लेकर दावेदारों की भाग-दौड़ शुरू हो गयी है. पार्टी के वरीय नेताओं के अलावे मंडल स्तर के नेताओं व कार्यकर्ताओं से भी संपर्क साधा जा रहा है.20 मार्च तक मंडल अध्यक्षों के चयन को लेकर हो जायेगी रायशुमारी : उपाध्याय
भाजपा के चुनाव सह अधिकारी अशोक उपाध्याय ने बताया कि जिले के सभी 34 मंडलों में 20 मार्च तक मंडल अध्यक्षों के चयन को लेकर रायशुमारी कर ली जायेगी. एक मंडल में तीन-तीन दावेदारों के नामों का पैनल तैयार करना है. इसके लिए मंडल प्रभारियों को दिशा निर्देश दिया जा चुका है.उन्होंने बताया कि पार्टी के प्रति निष्ठावान, समर्पित व योग्य कार्यकर्ताओं को संगठन की जिम्मेदारी सौंपी जायेगी. इस प्रक्रिया के तहत भाजपा संगठन को मजबूत व सशक्त करना है. श्री उपाध्याय ने कहा कि राज्य सरकार का रवैया जनता विरोधी है.
राज्य सरकार के इस रवैया को लेकर भाजपा के समक्ष संघर्ष का रास्ता है. कहा कि घोड़थंबा की घटना में निर्दोष लोगों को फंसाया गया है, जो निंदनीय है. ऐसे में मंडल अध्यक्ष के रूप में ऐसे कार्यकर्ता के कांधे पर जिम्मेदारी सौंपी जायेगी जो संगठन मजबूती में अपना योगदान देने के साथ-साथ राज्य सरकार की कार्यशैली के खिलाफ आंदोलनात्मक तेवर अपना सके.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
