रामकृष्ण विवेकानंद कॉलेज ऑफ एजुकेशन की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई की ओर से अडवारा गांव में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन शुक्रवार को नशा जागरूकता अभियान चलाया गया. इस दौरान स्वयंसेवकों ने गांव की गलियों में जन-जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को नशा, दहेज प्रथा और अंधविश्वास जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक किया.
नशा छोड़ो, समाज जोड़ो का दिया संदेश
अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने नशा छोड़ो, समाज जोड़ो और दहेज प्रथा का अंत करो जैसे नारों के माध्यम से लोगों को सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश दिया. ग्रामीणों से नशे से दूर रहने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की गयी.
सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होने की अपील
अभियान को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता डॉ. लक्ष्मी महतो खेमलाल ने कहा कि नशा, दहेज और अंधविश्वास जैसी सामाजिक बुराइयां समाज को अंदर से कमजोर कर रही हैं. इनके खिलाफ जागरूकता और सामूहिक प्रयास जरूरी है. उन्होंने युवाओं और ग्रामीणों से इन कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होकर जागरूक एवं सशक्त समाज बनाने का संकल्प लेने की अपील की.
नुक्कड़ नाटक के जरिये दिया जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया. इसके माध्यम से नशे के दुष्प्रभाव, दहेज प्रथा और अंधविश्वास से होने वाले नुकसान को सरल तरीके से समझाया गया. साथ ही ग्रामीणों को शिक्षा, स्वच्छता और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के प्रति जागरूक किया गया.
अभियान को सफल बनाने में स्वयंसेवक रूपा कुमारी, खुशी रानी, निशु कुमारी, मधु भारती, भारती कुमारी, गायत्री राज, काजल, प्रिया, निशा, प्रीति, मनीषा, परिला, विनीता, नेहा, पिंकी, अस्मत, शीतल, प्रवीण, अनामिका, अंशु और आरती समेत अन्य स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका रही.
