ग्रामीणों के विरोध के बाद काम को रोक दिया गया है. जानकारी के अनुसार मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना के तहत कुम्हरलालो पंचायत के दूधनिया गांव में बराकर नदी तट पर इंटेक वेल का निर्माण किया जा रहा है. इसके अलावा पूरे प्रखंड में सैकड़ों तालाबों का निर्माण हो रहा है. तालाबों तक पानी पहुंचाने के लिए बड़े-बड़े पाइप बिछाए जा रहे हैं. इससे खेतों में सिंचाई की सुविधा दी जायेगी. ग्रामीणों का आरोप है कि पाइप बिछाने के दौरान खेतों में भारी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे मेढ टूट रहे हैं. जमीन की पहचान करना मुश्किल हो रहा है. इससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है.
बैठक में लिया गया काम रोकने का निर्णय
रविवार को सैकड़ों की संख्या में संताली महिला-पुरुष कार्यस्थल पर पहुंचे. इस दौरान निर्माण कार्य में लगे कर्मियों से उनका विवाद हो गया. बाद में स्थानीय मुखिया की उपस्थिति में बैठक कर निर्माण कार्य को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया गया. ग्रामीण सहदेव किस्कू, मांडू किस्कू, सुभाष बरनवाल सहित अन्य लोगों ने बताया कि इंटेक वेल से पाइप से तालाबों तक पानी पहुंचाया जायेगा. खेतों का मेढ़ टूटने से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि किस किसान की कितनी जमीन है. उन्होंने मांग की कि पहले क्षतिग्रस्त मेढ की मरम्मत की जाये, उसके बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो.
