मालूम रहे कि बुधवार पूर्वाह्न लगभग तीन बजे खरखरी के चुटी राय के क्रशर स्थित एक तालाब से अनिल का शव मिला था. परिजनों ने जांच की मांग कर बरहमसिया-कोवाड़ मुख्य मार्ग को खरखरी करमाटांड़ के पास शव को रखकर जाम कर दिया था. मृतक के परिवारवालों का आरोप था कि मृतक भोला सीमेंट हाउस के मालिक प्रेमचंद साव के यहां काम करता था. उसी ने हत्या कर साक्ष्य छिपाने के लिए तालाब में शव को फेंक दिया. समझौता के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.
सूचना मिलने पर पहुंचे नेता, डेढ़ लाख मुआवजा पर बनी सहमति
घटना की सूचना मिलने पर राजनीति दलों के नेता पहुंचे और सड़क जाम करने वाले परिवारवालों से घटना की जानकारी ली ओर आपसी समझौता कराया. समझौते के वक्त उपस्थित लोगों ने कहा कि शव को पोस्टमार्टम में भेजा जायेगा. यदि तालाब में डूबने से मौत होने की पुष्टि हुई, तो दुकानदार पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जायेगी. लेकिन, पोस्टमार्टम में शरीर पर किसी तरह का चोट पाया जाता है, तो मामला दर्ज किया जायेगा. उपस्थित लोगों ने मृत मजदूर के छोटे-छोटे बच्चे व पत्नी हालत को देखते हुए दुकानदार प्रेमचंद से डेढ़ लाख रुपये देने का आग्रह किया, जिसे उसके स्वीकार कर लिया.
बेवजह लगाया जा रहा आरोप : दुकानदार
दुकानदार ने लोगों से कहा कि बेवजह मुझे इस मामले में फंसाया गया है. कहा कि अब मजदूरी कराना भी जुल्म है. कहा कि गणमान्य लोगों की उपस्थिति में हुए समझौते के अनुसार व मजदूर के परिवार की गरीबी को देखते हुए मृतक की पत्नी कलावती देवी के खाते में 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिया. 10 हजार रुपये नगद दिया गया है. शेष राशि गुरुवार को मृतक की पत्नी के खाते में डाल दिया जायेगा. इसके बाद जाम को हटाा. थाना प्रभारी आकाश भारद्वाज न बताया कि अभी तक किसी तरह का आवेदन नहीं मिला है. मजदूर के शव को पोस्टमार्टम के लिये गिरिडीह भेजा गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. समझौते में प्रमुख रामू बैठा, सांसद प्रतिनिधि देवनाथ राणा, भाजपा प्रखंड अध्यक्ष राजदेव साव, मुखिया अभय राय, कैलाश यादव समेत कई अन्य शामिल थे.
