महासचिव ने भवन निर्माण के कार्यपालक अभियंता से दूरभाष पर बात कर अधिवक्ताओं की भावनाओं से उन्हें अवगत कराया. कहा कि वह स्थल पूरी तरह से असुरक्षित है. पूर्व में यहां सीसीएल द्वारा भी कोयले का उत्खनन किया गया, इसके बाद खनन स्थल पर बालू कायदे से नहीं भरा गया. इससे वह क्षेत्र खोखला हो गया है. कहा कि उक्त इलाका भूधंसान के मुहाने पर है.
भदुवापहाड़ी में हो चुका है हादसा
महासचिव ने कहा कि पूर्व में भदुवापहाड़ी में हादसा हो चुका है, उसमें कई दर्जन लोगों की मौत हो गयी थी. आये दिन इस क्षेत्र में भू धंसान के कारण सड़क, भवन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं. इतना ही नहीं प्रस्तावित स्थल पर कोर्ट का जहां बोर्ड लगाया गया है, उस स्थान पर भी जमीन धंसकर जमींदोज हो गयी है. इसी वजह से गिरिडीह के अधिवक्ता इसका विरोध कर रहे हैं.
वर्तमान में जहां कोर्ट चल रहा है, उसके आसपास काफी स्थान है खाली
महासचिव ने यह भी दावा किया है कि वर्तमान में जहां कोर्ट चल रहा है, उसके आसपास काफी स्थान रिक्त पड़े हुए हैं, जिनमें 100 से ज्यादा कोर्ट भवन का निर्माण कराया जा सकता है. ऐसा नहीं कर इस स्थान पर कोर्ट को ले जाने का निर्णय अव्यवहारिक है और सुरक्षित भी है.
गिरिडीह में अत्यधिक कोर्ट की आवश्यकता नहीं : पूर्व मंत्री
पूर्व मंत्री ने कहा कि यह स्थान जानलेवा है और कायदे से इस जिले में अब तीन अनुमंडल का गठन हो चुका है. इसमें से सरिया अनुमंडल में न्यायिक भवन का निर्माण कार्य भी चल रहा है. इसके अलावा डुमरी और खोरीमहुआ में भी अनुमंडल न्यायिक भवन बनना है. तब ऐसे में गिरिडीह में अत्यधिक कोर्ट की आवश्यकता भी नहीं है, क्योंकि इन तीनों मंडलों के बन जाने के बाद गिरिडीह में केवल बेंगाबाद, गिरिडीह और गांडेय प्रखंड रह जाएंगे, जहां के लिए इतने कोर्ट की आवश्यकता नहीं है. कहा कि अगर सरकार फैसला नहीं बदलती है तो इसके खिलाफ व्यापक आंदोलन किया जाएगा.
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से भी की बात
इसके पूर्व जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव चुन्नूकांत ने स्थानीय विधायक और राज्य सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से भी दूरभाष पर बात कर अधिवक्ताओं की भावनाओं से उन्हें अवगत कराया. आग्रह किया कि एक शिष्टमंडल उनसे मिलकर अपनी बात रखेगा, ताकि राज्य के मुख्यमंत्री को इन सारे मसलों से अवगत कराया जा सके, ताकि एक सम्यक निर्णय लिया जा सके. कोर्ट स्थानांतरित करने को लेकर यहां अधिवक्ताओं में काफी रोष है. स्थल पर अन्य लोगों के अलावा वरीय अधिवक्ता निरंजन प्रसाद, दीपक कुमार, बब्बन खान, सूरज नयन, अभय कुमार सिन्हा, शिवानी कुमारी, राजीव कुमार, शैलेश कुमार आदि काफी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
