स्नातक सेमेस्टर-वन का रिजल्ट में संशोधन नहीं होने से आक्रोश
स्नातक सेमेस्टर-1 (2024-28) के परीक्षा परिणाम को लेकर असंतोष लगातार गहराता जा रहा है. बुधवार को अभाविप गिरिडीह नगर इकाई के कार्यकर्ताओं ने पुनः गिरिडीह कॉलेज के प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा और इसमें संशोधन की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठ गये. नगर मंत्री नीरज चौधरी ने कहा कि कुछ दिन पूर्व भी इस मुद्दे को लेकर धरना दिया गया था. उस दौरान प्राचार्य ने उन्हें आश्वासन दिया था कि विश्वविद्यालय से बातचीत कर निर्णय लिया जायेगा, लेकिन सात दिन बीतने के बाद भी कोई पहल नहीं हुई. बाध्य होकर विरोध में बुधवार से भूख हड़ताल शुरू करनी पड़ी. कहा कि जब तक विश्वविद्यालय ठोस आश्वासन नहीं देता, हमारी लड़ाई जारी रहेगी.50 प्रतिशत विद्यार्थियों को किया गया प्रमोट
अभाविप का आरोप है कि स्नातक सेमेस्टर-वन में गिरिडीह कॉलेज के करीब 50% विद्यार्थियों को प्रमोट कर दिया गया है. आरोप लगाया कि सही रूप से मूल्यांकन नहीं किया गया. अभाविप ने विश्वविद्यालय से पूर्व घोषित परिणाम को रद्द कर नये सिरे से निष्पक्ष परिणाम जारी करने की मांग की है. नगर सह मंत्री अनीश राय ने कहा कि गिरिडीह कॉलेज में सभी विषयों के शिक्षक हैं और विश्वविद्यालय भी समय पर परीक्षा नहीं ले रहा है. ऐसे में विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है. परिषद ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा. इस मौके पर सदानंद राय, अभिजीत सिन्हा, कृष्ण कुमार, विवेक कुमार, अंकुश सिंह, अंजलि कुमारी, सावित्री कुमारी, दयानंद कुमार, रितेश हेंब्रम, विकास वर्मा, विशाल, विनोद, आनंद, सचिन, सोनू समेत बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे.विश्वविद्यालय को पहले ही अवगत कराया गया है : प्राचार्य
गिरिडीह कॉलेज के प्राचार्य डॉ अनुज कुमार ने परीक्षा परिणाम को लेकर छात्रों की ओर से उठाये जा रहे सवालों पर कहा कि इससे विश्वविद्यालय को पहले ही मौखिक और लिखित दोनों रूपों में अवगत कराया जा चुका है. प्राचार्य ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परिणाम से जुड़ी प्रक्रिया लंबी है और इसमें कुछ समय लगेगा. उन्होंने छात्रों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि कॉलेज स्तर से पूरी कोशिश की जा रही है कि समस्या का समाधान जल्द हो.
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