मांगों में किसानों का धान ऑनलाइन करने, धान की राशि अविलंब भुगतान, गोदाम भरने के कारण किसानों से धान की खरीदारी नहीं होने की समस्या का समाधान, सरकार के द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदारी का प्रचार आदि शामिल है. धरना को संबोधित करते हुए माले के प्रखंड सचिव परमेश्वर महतो ने कहा कि किसान सरकार से अधिक राशि भुगतान को लेकर एक उम्मीद को लेकर पैक्स में धान जमा किया, लेकिन इस उम्मीद पर पानी फिर गया. आज किसान पैक्स में धान देकर ठगे महसूस कर रहे हैं. कहा कि डेढ़ माह हो गये हैं, लेकिन पैक्स में धान जस के तस पड़े हुए हैं. किसान अपने ही धान की राशि लेने के लिए भटक रहें हैं. वहीं, पैक्स संचालक भी परेशान हैं. इससे साफ जाहिर होता है कि किसानों के धान को लेकर सरकार को चिंता नहीं हैं.
पैक्स में पड़ा है चार हजार क्विंटल धान
जरमुन्ने पूर्वी पैक्स के प्रबंधक राजकिशोर सिंह ने कहा कि पैक्स में चार हजार क्विंटल धान पड़ा हुआ है. किसानों से लगातार विवाद भी हो रहा है. 85 किसानों ने धान जमा किया है. इसी तरह मुंडरो, दोंदलो, खेतको पैक्स में भी धान पड़ा हुआ है. मील संचालक धान नहीं ले जा रहे हैं. वहीं, पैक्स में रखे धान ऑनलाइन भी नहीं हो रहा है, जिससे किसानों के साथ पैक्स संचालक भी परेशान हैं. किसान प्रवीण कुमार ने भी बताया कि हमलोग पैक्स में धान तो जमा कर दिये हैं, लेकिन हमलोगों को अब तक राशिन नहीं मिल रही है. इससे परेशानी बढ़ गयी है. धरना में मुंडरो पैक्स के कालीचरण महतो, दोंदलों पैक्स के विकेश सिंह, मुखिया बंधन महतो, पवन महतो, भागीरथ महतो समेत किसान मौजूद थे. गौरव
