गिरिडीह. सीबीएसइ की बारहवीं की परीक्षा में जिले में टॉप 5 टू 10 में लड़कियों ने परचम लहराया है. गिरिडीह शहर के चार विद्यालयों के परीक्षा परिणाम में टॉप 5 टू 10 में कुल 66 छात्र-छात्राओं में से 34 छात्राओं ने बाजी मारी है. जिला स्तर के टॉप 10 विज्ञान में 10 में से चार छात्राओं ने कब्जा जमाया है तो वाणिज्य में 10 में छह छात्राओं ने कब्जा जमाने में सफल रही हैं. इधर बीएनएस डीएवी में विज्ञान में 10 में से पांच छात्राएं, वाणिज्य में टॉप टेन में आठ छात्राएं उतीर्ण रहीं. सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में विज्ञान में पाचं में चार छात्राएं एवं वाणिज्य में भी पांच में चार छात्राएं उतीर्ण रही हैं. सुभाष पब्लिक स्कूल में विज्ञान में 10 में एक छात्राएं और वाणिज्य में पांच में दो छात्राएं उतीर्ण रही हैं. सीसीएल डीएवी में विज्ञान में 10 में चार और वाणिज्य में 10 में छह छात्राएं उतीर्ण रही है. इस तरह कुल 600 उतीर्ण छात्र-छात्राओं में से 34 लड़कियों ने बाजी मारी है.
धनबाद : सेंट जेवियर्स के 178 में 111 को प्रथम श्रेणी
धनबाद.सीबीएसइ 12वीं के परीक्षा परिणाम में सेंट जेवियर्स इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन किया है. स्कूल के कुल 178 बच्चों में 111 बच्चे प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं. इनमें 43 डिस्टिंगशन टॉपर्स में से तीन विद्यालय छात्रावास के विद्यार्थी हैं. स्कूल के विज्ञान संकाय के छात्र राघव वोराह 93.2 प्रतिशत लाकर प्रथम स्थान पर रहे. जबकि 92.0 प्रतिशत लाकर ऋषि राज द्वितीय, 91.4 प्रतिशत लाकर प्रणवी झा तृतीय स्थान पर रहीं. वाणिज्य में कुल 37 में 23 बच्चे प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुए. 89.4 प्रतिशत अंक के साथ इशिता दास प्रथम, 87.8 प्रतिशत के साथ अंकिता गुप्ता द्वितीय एवं 87.2 प्रतिशत अंक के साथ अफीफा रेजा तृतीय स्थान पर रही.
धनबाद. राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर के बच्चों ने सीबीएसइ 12वीं में शानदार प्रदर्शन किया. मोहित अग्रवाल व आकांक्षा साइंस में 96 प्रतिशत अंकर लाकर स्कूल टॉपर हुए. वहीं काॅमर्स में सुरुचि 96 प्रतिशत अंक लाकर स्कूल टॉपर बनी. स्कूल प्रबंधन ने बताया कि इस बार काॅमर्स में 295 व विज्ञान में 311 विद्यार्थियों ने भाग लिया. सभी सफल रहे. विद्यालय का रिजल्ट शत प्रतिशत रहा. 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने वाले 64 विद्यार्थी हैं.
सीसीएल डीएवी में विज्ञान संकाय की टॉपर ईशु भूषण परीक्षा परिणाम से काफी खुश है. उसने कहा कि वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहता है. इसके लिए वह कड़ी मेहनत कर रहा है. कहा कि कड़ी मेहनत व लगन से सफलता हासिल की जा सकती है. उसने सफलता का श्रेय अपने पिता शिक्षक मणीभूषण, मां ईला कुमारी समेत परिवार के अन्य सदस्यों को दिया है. कहा कि विद्यालय के सभी शिक्षकों का भी पूरा सहयोग मिला. शैक्षणिक पारिवारिक माहौल का भी उसे काफी फायदा मिला.
