बेंगाबाद. मामला बेंगाबाद के मवि दुधीटांड़ का, ग्रामीणों में आक्रोश
विद्यालय परिसर स्थित सरकारी कुआं को भरवाये जाने पर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और स्कूल पहुंच गये. विरोध देखते हुए स्कूल सचिव ने बच्चों के हाथों में फावड़ा पकड़ा कर मिट्टी हटवानी शुरू कर दी. जब ग्रामीणों ने इसका भी विरोध किया तो बच्चों को मिट्टी खोदने से रोका गया. उक्त कुआं के पानी का प्रयोग स्कूल के बच्चों के साथ ग्रामीण भी करते थे.
बेंगाबाद. महुआर पंचायत के मध्य विद्यालय दुधीटांड़ में उस समय हंगामा शुरू हो गया जब ग्रामीणों ने स्कूल परिसर स्थित कुआं को मिट्टी से भरा देखा. शुक्रवार सुबह जब बच्चे स्कूल पहुंचे तो उन्होंने कुआं को मिट्टी से ढंका देखा, इसके बाद खबर फैली तो ग्रामीण जुट गये. ग्रामीणों ने विद्यालय सचिव को खरी-खोटी सुनायी. दी. ग्रामीणों का आक्रोश देख सचिव ने विद्यालय में अध्ययनरत छात्रों के हाथों में फावड़ा थमा दिया और कुआं में भरी गयी मिट्टी को हटाने में लगा दिया. इससे ग्रामीण और भी आक्रोशित हो गये. ग्रामीणों ने इसकी सूचना उपप्रमुख तथा बीइइओ को दी और जांच की मांग की.
2001 में जवाहर रोजगार योजना मद से बना था कुआं : वार्ड सदस्य अनिता देवी, सुदनी देवी, ग्रामीण गोविंद पंडित, संतोष राम, राजू यादव, विजय राम, नारायण आदि ने बताया कि वर्ष 2001 में जवाहर रोजगार योजना मद से विद्यालय परिसर में कुआं का निर्माण कराया गया था. कूप से पूर्व में विद्यालय के बच्चे पेयजल के रूप में प्रयोग करते थे. आसपास के ग्रामीण अपनी फसलों की भी सिंचाई इस कूप से किया करते थे. ग्रामीणों का कहना है कि गुरुवार को विद्यालय के सचिव देवकेश घोष ने हाइवा से मिट्टी डलवाकर कूप को भरवा दिया. सूचना मिलने पर इसकी जानकारी उपप्रमुख उपेंद्र कुमार को दी.
उपप्रमुख-सचिव में हुई नोक-झोंक
इधर ग्रामीणों की सूचना पर शुक्रवार को विद्यालय पहुंचे उप प्रमुख उपेंद्र कुमार व विद्यालय के सचिव में नोक-झोंक हो गयी. काफी देर तक दोनों में बहस होती रही. बाद में उप प्रमुख ने इस मामले की सूचना बीइइओ को दी. उपप्रमुख ने इस मामले की जांच कर सचिव पर कार्रवाई की मांग की. कहा कि दो दिन पूर्व तक कूप की मुंडेर सही-सलामत थी, इसके बावजूद इसे भर दिया गया. इधर ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत पर बीइइओ इशहाक अंसारी शुक्रवार को विद्यालय पहुंचे भी, छात्रों को मिट्टी हटाते देख वे बिफर पड़े और वहां से चले गये.
