अपराध. साल भर में दिया कई घटनाओं को अंजाम, बैंकों के पास करते थे रेकी
गिरिडीह एसबीआइ की मुख्य शाखा में बुधवार को पकड़े गये कटिहार गैंग के संजय यादव ने पुलिस की पूछताछ में कई खुलासे किये हैं. गिरोह के तीन सदस्यों ने झारखंड, बिहार और यूपी में कई घटनाओं को अंजाम दिया है.
गिरिडीह : बिहार के कटिहार गैंग के तीन सदस्य 20 वर्षों से छिनतई और लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. तीनों ने दिल्ली से लेकर बिहार के भागलपुर, जमुई, बांका, झारखंड के देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद और उत्तर प्रदेश के कानपुर में कई घटनाओं को अंजाम दिया है. इसका खुलासा बुधवार को गिरिडीह नगर पुलिस की पकड़ में आये कटिहार के कोढा थाना क्षेत्र के नयाटोला जोरावगंज के रहनेवाले संजय यादव ने किया है. डीएसपी विजय आशिष कुजूर, पुलिस इंस्पेक्टर बीरेंद्र राम और अवर निरीक्षक फैज रब्बानी ने उससे पूछताछ शुरू की तो बताया कि वह कटिहार में कभी दर्जी का काम करता था. उसके गिरोह का मुख्य सरगना जोरावगंज का अमन यादव है,जिसने जोरावगंज के सिंटू यादव के साथ मिलकर उसे इस धंधे में उतारा.
झारखंड में गिरिडीह सॉफ्ट टारगेट, देवघर में लेते थे शरण
संजय ने पुलिस को बताया कि तीनों ने सबसे अधिक कानपुर में छिनतई और लूटपाट की है.वहीं झारखंड में गिरिडीह गिरोह के सॉफ्ट टारगेट पर रहा है. गिरिडीह में घटना को अंजाम देने के बाद वे लोग अक्सर देवघर में ही शरण लेते थे. छिनतई के बाद तीनों बराबर-बराबर पैसा बांटते हैं.
हाई स्पीड बाइक से करते हैं सफर
संजय ने बताया कि गिरोह के तीनों सदस्य हाई स्पीड बाइक को पसंद करते हैं. अपराध के बाद तीनों अपनी-अपनी बाइक से अलग-अलग दिशा की ओर भाग जाते हैं. बुधवार को पुलिस ने जिन तीन बाइक को जब्तकिया है उसमें से अपाची बाइक को वह चला रहा था, जबकि पल्सर बाइक अमन व सिंटू यादव चलाता है.
रेकी के बाद बैंक ग्राहकों से करते लूटपाट
पुलिसिया पूछताछ में संजय ने बताया कि उनके टारगेट में सबसे ज्यादा बैंक ग्राहक ही रहे हैं. वे बैंकों की रेकी करते हैं और कोई अकेला व्यक्ति पैसा निकालता है तो उससे छिनतई-लूटपाट करते हैं. ग्राहकों को फांसने के लिये वे ग्राहक के बाइक की टायर में कील भी ठोंक देते हैं. पैसा निकालने के बाद जब ग्राहक बाइक की पंक्चर टायर को देखकर परेशान हो जाता है और पंक्चर को ठीक करने के प्रयास में जुटता है तो उस दौरान गिरोह के दो साथी उस व्यक्ति को अपनी बातों में फंसाता है और पैसा लूटकर तीनों भाग जाते हैं.
प्राथमिकी दर्ज, भेजा गया जेल
संजय की गिरफ्तारी के बाद अनि फैज रब्बानी के बयान पर गुरुवार को नगर थाना में मामला दर्ज किया गया है. संजय यादव के अलावा अमन यादव व सिंटू यादव को भी नामजद किया गया है. गुरुवार को संजय को जेल भेज दिया गया. प्राथमिकी में श्री रब्बानी ने कहा है कि बुधवार को दोपहर तीन बजे सूचना मिली की बैंक ग्राहकों से पैसा छिनतई व डिक्की तोङनेवाले गिरोह के तीन-चार सदस्य एसबीआई मुख्य शाखा के समीप मंडरा रहे हैं.
जब वे पहुंचे तो देखा कि तीन युवक बाइक पर बैठकर बातचीत कर रहे हैं. तीनों से जब पूछताछ किया जाने लगा तो वे भागने लगे. भागने के क्रम में एक को पकङा गया जिसने अपना नाम संजय यादव बताया. इस दौरान इसके पास से बैग मिला, जिसमें 18510 रुपये के साथ टायर पंक्चर करनेवाला औजार, पेचकश, फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस (लाइसेंस में दिनेश चंद्रा नाम लिखा हुआ है जिसका पता कानपुर, यूपी दिया गया है). बैग में मिले रुपया के संबंध में पूछताछ करने पर संजय ने बताया कि रुपया पिछले दिनों बैंक ऑफ इंडिया गिरिडीह से पैसा लेकर जा रहे एक व्यक्ति से छीना हुआ है.
जिले की कई घटनाओं में संलिप्तता स्वीकारी
थाना प्रभारी बीरेंद्र कुमार राम ने बताया कि संदय यादव ने ने नगर थाना इलाके की कई छिनतई में अपनी व अपने साथियों की संलिप्तता स्वीकार की है. 30 जनवरी को बिल्डर ध्रुव संथालिया के कर्मी से छिनतई, अगस्त 16 में भंडारीडीह के पास से एक व्यक्ति से छिनतई, 2011 में एसपी कोठी के पास से डिक्की से पैसा निकालने समेत कई घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. सरे जिलों की पुलिस से भी संपर्क साधा गया है और इनके अपराधिक रिकॉर्ड को निकाला जा रहा है.
