मामला जमुआ थाना अंतर्गत खरगडीहा पुरानी मसजिद रोड का
गिरिडीह. जिला व अपर सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) एके गुप्ता की अदालत ने चार वर्षीय मोनू उर्फ जुनैद की हत्या में उसकी चाची गुड़िया खातून को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है.
धारा 302, 364 व 201 में उसे दोषी पाया गया. धारा 364 में 10 वर्ष व धारा 201 में भी तीन वर्ष की सजा सुनाते हुए पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना किया है. जुर्माना की रकम जमा नहीं करने पर अतिरिक्त सश्रम कारावास काटना होगा. अदालत ने कहा कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी. मामला जमुआ थाना अंतर्गत खरगडीहा पुरानी मसजिद रोड का है. छह जून 2014 को गुड़िया खातून ने भतीजे मोनू की हत्या कर दी थी.
और शव को एक बोरे में रखकर घर की दीवार पर खूंटी के सहारे टांग दिया था. मृतक के पिता अलाउद्दीन ने जमुआ थाना में मामला दर्ज कराया था. इसमें कहा कि उसका बेटा मोनू उर्फ जुनैद घर के पास से ही लापता हो गया था. उस समय उसकी पत्नी मेहरून निशा नदी में स्नान करने गयी थी.
स्नान करके जब उसकी पत्नी घर लौटी तो मोनू की खोजबीन की जाने लगी. इसकी सूचना जमुआ थाना को भी दी गयी. कहा कि तलाशी के क्रम में वह अपने भाई सलाउद्दीन के घर पहुंचे. तब सलाउद्दीन की पत्नी गुड़िया खातून घर में प्रवेश करने का विरोध करने लगी. वह जबरन घर में घुसे तो देखा कि दीवार पर खूंटी में कई बोरे टंगे थे.
तलाशी लने पर एक बोरे में उसके बेटे मोनू की लाश थी. कहा कि सलाउद्दीन के साथ जमीन को लेकर झगड़ा चल रहा था. सलाउद्दीन की पत्नी गुड़िया खातून जमीन में हिस्सा मांग रही थी. इसी क्रम में उसने मोनू की हत्या कर दी. पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया और अदालत ने गुड़िया को दोषी पाते हुए सजा सुनायी है. मामले में अभियान की ओर से एडिशनल पीपी एसके श्रीवास्तव व बचाव पक्ष तथा विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से अधिवक्ता रेणु वर्मा ने बहस की.
