गिरफ्तार डुमरी विधायक जगरनाथ महतो की रिहाई को लेकर मंगलवार को झामुमो कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाल कर डुमरी प्रखंड सह अंचल कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया. कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ जम कर नारेबाजी भी की, कहा उन्हें साजिश के तहत झूठे मुकदमे में फंसाया गया है.
डुमरी : प्रखंड के विभिन्न गांवों से आये सैकड़ों झामुमो कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़े के साथ कार्यक्रम में भाग लिया. जुलूस में शामिल लोग जेल का फाटक टूटेगा जगरनाथ महतो छूटेगा, रघुवर सरकार होश में आओ आदि नारे लगाते दिखे. जुलूस का नेतृत्व प्रखंड अध्यक्ष निरंजन महतो और जिला परिषद अध्यक्ष राकेश महतो कर रहे थे. मौके पर झामुमो व्यावसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सुदिव्य कुमार सोनू, जिलाध्यक्ष संजय सिंह व जिला उपाध्यक्ष अजीत कुमार पप्पू, जिप सदस्य भोला सिंह भी उपस्थित थे. जुलूस डुमरी डाक बंगला से निकलकर जामतारा, बेरमो मोड़, बस स्टैंड होते हुए प्रखंड कार्यालय पहुंच कर सभा में तब्दील हो गयी. सभा की अध्यक्षता पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष निरंजन महतो व संचालन डेगनारायण महतो ने किया.
पार्टी को न्यायपालिका पर है पूरा भरोसा
जिप अध्यक्ष राकेश महतो ने कहा बीते 14 मई को झारखंड बंद की पूर्व संध्या पर पूरे झारखंड में मशाल जूलूस निकाला गया था. इस दौरान नावाडीह में भी डुमरी विधायक जगरनाथ महतो के नेतृत्व में मशाल जुलूस निकाला गया था. इसी क्रम में अस्वस्थ चल रहे नावाडीह थाना प्रभारी की तबीयत बिगड़ गयी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी. नावाडीह थाना प्रभारी की मौत का जिम्मेवार डुमरी विधायक जगरनाथ महतो नहीं बल्कि सरकार व पुलिस है
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पार्टी को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है. सरकार लोकतांत्रिक तरीके से किये जा रहे आंदोलन को दमनात्मक तरीके से रोकने का काम कर रही है. स्थानीय नीति की चिंगारी झारखंड में भड़क चुकी है. जो 1932 के आधार पर स्थानीय नीति लागू होने के बाद ही बुझेगी. सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि डुमरी विधायक ने सरकार द्वारा घोषित स्थानीय नीति के खिलाफ आवाज उठायी है. सरकार द्वारा उनकी आवाज को झूठे केस कर दबाने का प्रयास किया जा रहा है. इस आवाज को हम दबने नहीं देंगे. अंत में एक प्रतिनिधिमंडल ने डुमरी बीडीओ को राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा.
