मानदेय के लिए डेढ़ दर्जन मजदूर बैठे धरना पर
गिरिडीह शहरी क्षेत्र के दस वार्डों में जलापूर्ति ठप
बेंगाबाद : खंडोली जलाशय से शहरी क्षेत्र में जलापूर्ति करनेवाले मजदूरों ने बकाया मानदेय के लिए मंगलवार को जलापूर्ति रोक दी और अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ गये. इससे शहरी क्षेत्र के दस वार्डों में पेयजलापूर्ति ठप हो गयी. करीब 50 हजार की आबादी प्रभावित रही. इन मजदूरों को नगर पर्षद ने अनुबंध पर बहाल किया है.
धरना का नेतृत्व कर रहे कर्णपुरा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि पाचु मियां, पंसस बैजनाथ प्रसाद वर्मा, खुर्शीद अनवर हादी, भुनेश्वर रविदास ने कहा कि खंडोली में कार्यरत मजदूरों को चार माह से मानदेय भुगतान नहीं किया गया है. जब सुनवाई नहीं हुई तो बाध्य होकर मंगलवार सुबह सात बजे से मजदूरों ने जलापूर्ति रोक दी.
इधर, सूचना पाकर बेंगाबाद पुलिस पहुंची और मजदूरों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने. मौके पर युनूस अंसारी, खलील अंसारी, कलीम, अब्बास, लखन रजक, महेन्द्र मुर्मू, सुरेंद्र हेंब्रम, याकूब, मो. सरफराज अंसारी, सज्जाद अंसारी, हुसैन, फिरोज, होरो अंसारी, खलील मियां, सलीम सहित कई अनुबंधकर्मी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि जब तक बकाया भुगतान नहीं होता है तब तक धरना जारी रहेगा. इस दौरान जलापूर्ति भी ठप रहेगी.
आवश्यक सेवा बाधित करना गैरकानूनी, होगी प्राथमिकी : दिनेश
नगर पर्षद अध्यक्ष दिनेश प्रसाद यादव ने कहा कि जलापूर्ति जैसी आवश्यक सेवा को बाधित करना गैरकानूनी है. आंदोलन का यह तरीका उचित नहीं है. मजदूरों के बकाया को लेकर जेइ को एक माह का भुगतान कर दिया गया है.
इसके बाद एक माह का बकाया रहेगा, जिसका भुगतान जल्द कर दिया जायेगा. कुछ लोग इस मामले को लेकर राजनीति कर रहे हैं. श्री यादव ने कहा कि अगर मंगलवार शाम तक जलापूर्ति शुरू नहीं की जाती है तो आपूर्ति ठप कराने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी. इसे लेकर वह जिले के वरीय पदाधिकारियों से वार्ता कर रहे हैं.
की जा रही राजनीति : जेइ
नगर पर्षद के जेइ सुनील श्रीवास्तव ने बताया कि मजदूरों को फरवरी माह का भुगतान अप्रैल के प्रथम सप्ताह में किया गया. उस वक्त कई मजदूरों ने भुगतान ले लिया, जबकि 17 मजदूरों ने भुगतान नहीं लिया था और बकाया दो माह का वेतन एकमुश्त मांग रहे थे.
इन मजदूरों को समझाया गया था कि जल्द ही शेष भुगतान हो जायेगा, लेकिन ये लोग राजनीति करने लगे. इन्हीं मजदूरों ने धरना देकर जलापूर्ति बाधित कर दी है. मजदूरों का मार्च व अप्रैल माह का भुगतान बकाया है. उनसे वार्ता कर धरना समाप्त करने की कोशिश की जायेगी.
