पीरटांड़. आठ दिन पूर्व सारंडा से अनल के साथ पहुंचा है दस्ता
गिरिडीह के पीरटांड़ में भाकपा माओवादी संगठन का बड़ा दस्ता गिरिडीह पहुंच चुका है. सारंडा से चलकर पीरटांड़ पहुंचे इस दस्ते में भाकपा माओवादी के बीजेएनसी मेंबर, स्पेशल एरिया कमेटी, जेआरसी सारंडा, रांची, वेस्ट सिंहभूम व गिरिडीह का प्रभारी अनल उर्फ पतिराम मांझी भी शामिल है.
गिरिडीह/पीरटांड़ : पिछले आठ दिनों से इलाके में माओवादियों ने कई बैठक भी की है और पुलिस के खिलाफ बड़ी रणनीति बना रहे हैं. अनल के साथ पीरटांड़ पहुंचे दस्ते में 80 से अधिक मारक दस्ते के सदस्य हैं. कहा जा रहा है कि इलाके में संगठन को और भी मजबूत करने की कवायद में संगठन के नेता जुटे हैं. पारसनाथ पहाड़ पर भी माओवादियों शनिवार को माओवादियों की बैठक हो चुकी है.
चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात : माओवादी अनल के इलाके में आने की सूचना के बाद से पुलिस-सीआरपीएफ की टीम विशेष सर्तकता बरतने लगी है. पारसनाथ पर पांच से अधिक टीमों को लगाया गया है तो तराई में भी सर्च अभियान चलाया जा रहा है.
कहा जा रहा है कि अनल की मौजूदगी व इलाके में टाइगर उर्फ अजय महतो के वर्चस्व को देखते हुए ही रविवार-सोमवार की मुठभेड़ के बाद एडीजी एसएन प्रधान समेत कई पुलिस पदाधिकारियों को मधुबन में विशेष बैठक करनी पड़ी. बैठक में विशेष चौकसी के साथ अभियान को और भी तेज करने को कहा गया है. एडीजी श्री प्रधान ने कहा कि इलाके को दहशत से मुक्त कराने तक अभियान चलता रहेगा.
गर्मी से जवानों को हो रही परेशानी
माओवादियों से लड़ाई के क्रम में भीषण गर्मी के कारण अभियान में शामिल जवानों को काफी परेशानी हो रही है.जवानों को लू लगने की आशंका भी बढ़ गयी है. दो दिन के दौरान दो जवानों की तबीयत गर्मी के कारण खराब हो चुकी है. वहीं खोजी कुत्ता काइजर की भी तबीयत खराब देखी गयी. पारसनाथ से लौट रहे जवान काइजर को पानी से भिंगाते तो एनर्जी ड्रिंक देते देखे गये. एडीजी एसएन प्रधान ने कहा कि गर्मी व पानी की कमी के बावजूद जवानों के हौसले में कोई कमी नहीं आयी है.
