इसकी जानकारी बनवासी विकास आश्रम के सचिव सुरेश कुमार शक्ति ने दी. कहा कि रिपोर्ट के अनुसार बाल विवाह की रोकथाम के लिए गिरफ्तारियां व एफआइआर सबसे प्रभावी साबित हुए हैं. रिपोर्ट बताती है कि लड़कियों की बाल विवाह की दर में सबसे ज्यादा 84 प्रतिशत गिरावट असम में दर्ज की गयी है. इसके बाद संयुक्त रूप से महाराष्ट्र व बिहार (70 प्रतिशत) का स्थान है, जबकि राजस्थान व कर्नाटक में क्रम से 66 और 55 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी है.
गिरिडीह में चार हजार से अधिक बाल विवाह नहीं कराने का लिया गया अंडरटेकिंग
बनवासी आश्रम के सचिव श्री शक्ति ने बताया कि गिरिडीह में बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए काम कर रहे जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन बनवासी विकास आश्रम ने जिला प्रशासन, पंचायतों और सामुदायिक सदस्यों के साथ बेहद करीबी समन्वय से काम करते हुए पिछले तीन वर्षों में जिले में चार हजार से अधिक बाल विवाह नहीं करने का अंडरटेकिंग लिया है. इस रिपोर्ट को जेआरसी के सहयोगी संगठन इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन की पहल पर सेंटर फॉर लीगल एक्शन एंड बिहैवियरल चेंज फॉर चिल्ड्रेन (सी-लैब) ने तैयार किया है. बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) 250 से भी ज्यादा समाजिक संगठनों का देश का सबसे बड़ा नेटवर्क है. यह बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए देश के 451 जिलों में काम कर रहा है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
