Giridih News :बड़की सरैया : अध्यक्ष पद के 17 प्रत्याशी लगा रहे जोर

Giridih News :गिरिडीह जिले का बड़की सरैया नगर पंचायत वर्ष 2018 में पहली बार अस्तित्व में आया. लेकिन, सुविधाओं में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई. पहली बार लोग अपना प्रतिनिधि चुनेंगे. लोगों को आशा है कि अब उनकी समस्याओं का समाधान होगा.

गिरिडीह जिले का बड़की सरैया नगर पंचायत वर्ष 2018 में पहली बार अस्तित्व में आया. उस समय यहां की आबादी लगभग 19 हजार थी. लोगों की सुख सुविधा तथा मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति कराना कार्यपालक पदाधिकारी के जिम्मे था. पंचायत प्रतिनिधि नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों की कई जन समस्याओं के समाधान में समस्याएं आ रही थी. लोगों को निकाय चुनाव का इंतजार था जिससे कि उन्हें क्षेत्र के संपूर्ण विकास के लिए पंचायत अध्यक्ष मिल सके.

पहली बार हो रहा चुनाव

झारखंड सरकार ने निकाय चुनाव की घोषणा की जिसमें बड़की सरैया नगर पंचायत में पहली बार निकाय चुनाव होना है. इसे लेकर 17 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. बड़की सरैया को सुंदर शहर बनाने सहित जनता के मूलभूत आवश्यकताओं व अन्य समस्याओं के समाधान के मुद्दे को लेकर प्रचार प्रसार जोर-शोर से किया जा रहा है. ट्रैफिक व्यवस्था सबसे लचर : नगर पंचायत क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक की लचर व्यवस्था है. सड़कों जाम की समस्या से लोग आये दिन लोग परेशान रहते हैं. वाहन चालक, पैदल चलने वाले लोग, स्कूल जा रहे विद्यार्थी, मरीज को इलाज के लिए ले जा रही एंबुलेंस, फायर बिग्रेड की गाड़ियां, परीक्षार्थी को जाम की समस्या से दो चार होना पड़ता है.

स्वास्थ्य सेवा भी बड़ा मुद्दा

स्वास्थ्य सेवा की बदहाल स्थिति भी जनता के लिए बड़ा मुद्दा है. सरिया निकाय क्षेत्र के साथ-साथ प्रखंड और अनुमंडल क्षेत्र होने के बाद भी यहां के अस्पताल में एमबीबीएस डॉक्टर नहीं हैं. दवा की समुचित व्यवस्था नहीं है. अस्पताल का संचालन विद्यालय के समय की तरह सुबह 10 बजे से तीन बजे तक और रविवार को बंदी रहती है. सरिया स्थित प्राथमिक उपचार केंद्र में सोमवार से शनिवार तक सुबह 10 बजे से शाम तीन बजे तक केवल मरहम पट्टी की व्यवस्था है. वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग का सारा काम बगोदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से संचालित होता है. ऐसे नगर पंचायत क्षेत्र के लोगों को निजी क्लीनिक या दूसरे बड़े शहर जाने की विवशता है. सार्वजनिक शौचालय व नाली की समुचित व्यवस्था नहीं : नगर पंचायत क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की भी कमी है. कहीं भी सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था नहीं है. घरों के पानी की निकासी के लिए नाली की समुचित व्यवस्था नहीं की गयी है. ड्रेनेज सिस्टम बेकार है. सड़कों पर लाइट और कूड़ेदान नहीं है. सफाई व्यवस्था की स्थिति यह है कि सात से आठ वर्षों में भी सड़कों पर जमी धूल पूरी तरह साफ नहीं हो सकी है. सोदों ने बिजली व्यवस्था को लेकर भी लोगों में नाराजगी है.

बिजली बिल वसूली शहरी दर पर, आपूर्ति ग्रामीण फीडर से

बिजली बिल की वसूली शहरी दर पर की जाती है, लेकिन सुविधा ग्रामीण फीडर के माध्यम से दी जा रही है. नगर पंचायत गठन के बाद से क्षेत्र की जनता से टैक्स की वसूली, सड़कों पर वाहनों के प्रवेश पर टोल टैक्स की वसूली की जा रही है, परंतु अनुकूल सुविधा नहीं दी जा रही है. होल्डिंग टैक्स, टोल टैक्स और व्यवसाय टैक्स में अनियमितता की शिकायतें लगातार उठ रही हैं. लोगों का कहना है कि जब पहले कोई जनप्रतिनिधि नहीं था तब भी अधिकारियों ने मनमानी ढंग से टैक्स तय कर दिये, जो न्याय संगत नहीं है.

भू माफियाओं की बढ़ी सक्रियता

नगर क्षेत्र में इन दिनों भू माफिया, जमीन दलाली, अपराधी घटना आदि की सक्रियता काफी बढ़ गयी है. आये दिन गरीबों की जमीन लूटने, सरकारी गैर मजरुआ जमीन हड़पने, जाली कागजात के माध्यम से लोगों को परेशान करना, चोरी, लूट, छिनतई की घटना में बढ़ोतरी हुई है. जमीन विवाद में मारपीट की घटना में बढ़ोतरी अंचल से संबंधित कार्य में अनियमितता, विकास कार्य में पारदर्शिता की कमी, इस क्षेत्र के लिए एक बहुत बड़ा मुद्दा बन गया है. इस क्षेत्र में जमीन का रजिस्ट्री करने का सरकारी दर पूरे जिले में से सबसे अधिक बड़की सरैया नगर पंचायत क्षेत्र में है. इस तरह बड़की सरैया नगर पंचायत का यह पहला निकाय विकास की दिशा तय करेगा.

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By PRADEEP KUMAR

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