देवरी : फर्जी कागजात के आधार पर सैकड़ों एकड़ भूमि निजी कंपनी को बेचने के मामले में 13 वर्ष से फरार प्राथमिकी अभियुक्त सह उमवि मंझलाडीह के पारा शिक्षक प्रेमलाल हेंब्रम ग्राम परसाडीह थाना भेलवाघाटी को देवरी पुलिस ने गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया. देवरी थाना प्रभारी अनूप रोशन भेंगरा ने इसकी पुष्टी करते हुए कहा कि फर्जीवाड़ा मामले में वह लंबे समय से फरार चल रहा था.
प्रेमलाल को गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया गया. इधर आरोपी प्रेमलाल हेंब्रम ने खुद को बेकसूर बताया है. उसके मुताबिक फर्जीवाड़ा कर जमीन रजिस्ट्री करने के मामले में उसे कोई जानकारी नहीं है. उसे फंसाया गया है.
क्या है मामला : वर्ष 2007 में फर्जी कागजात तैयार कर एक निजी कंपनी के नाम जमीन रजिस्ट्री करने का मामला सामने आने पर डोमीद्वार (परसाडीह) गांव निवासी रैयत सुखदेव हेंब्रम ने देवरी थाना में मुकदमा दर्ज कराया था. इसमें तत्कालीन अंचलाधिकारी दिलीप महथा, राजस्व कर्मचारी मनसा सोरेन, तिसरी के सुखदेव सिंह, अनिमेष कुमार सिंह, गुमगी के माखन लाल यादव, पचंबा के समशुल अंसारी समेत एक दर्जन लोगों के खिलाफ देवरी अंचल कार्यालय के पंजी दो में छेड़छाड़ कर फर्जी कागजात तैयार कर डहुआटांड़, ब्रह्मस्थान, चौकी, डाड़ीडीह, बाघरायडीह आदि मौजा की सैकड़ों एकड़ भूमि निजी कंपनी को रजिस्ट्री करने का आरोप था. इस संबंध में देवरी थाना में कांड संख्या 142/2007 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया. इसमें दो आरोपी अंचलाधिकारी दिलीप महथा व राजस्व कर्मचारी मनसा सोरेन जेल जा चुके हैं.
