जमुआ थाना में 15 जनवरी 2011 को दर्ज किया गया था मामला
गिरिडीह : जिला व अपर सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) ध्रुवचंद्र मिश्रा की अदालत ने बुधवार को जानलेवा हमला मामले में तीन आरोपियों को धारा 307 में दस-दस वर्ष की सजा सुनायी है. साथ ही अदालत ने दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
धारा 325 में पांच वर्ष की सजा व पांच हजार का जुर्माना, धारा 323 में एक वर्ष की सजा व धारा 341 में एक माह की सजा सुनायी गयी है. अदालत ने कहा कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी. सूचक बहादुर यादव के आवेदन पर जमुआ थाना में 15.01.2011 को कांड संख्या 12/11 के तहत मामला दर्ज कराया गया था. सूचक ने कहा कि अदुवाडीह में उसका घर है. उस दिन सुबह साढ़े सात बजे नदी से घर वापस लौट रहा था.
इसी क्रम में रास्ते पर गांव के जानकी महतो, बालो महतो, विनोद यादव तथा शंकर यादव मिले और जमीन विवाद को लेकर उसके साथ गाली-गलौज करने लगे. मना करने पर लाठी-सबल से लैस लोगों ने उसके सिर पर वार कर उसे बेहोश कर दिया. हो-हल्ला सुन जब उसके पिता बुंदो यादव तथा भाई नारायण यादव दौड़े तो आरोपियों ने उन दोनों को भी लाठी-सबल से मारकर घायल कर दिया. इसके बाद काफी संख्या में गांव के लोग वहां पहुंचे. हालांकि तब तक आरोपी वहां से भाग खड़े हुए.
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभारी लोक अभियोजक अजय कुमार साह ने अदालत में आठ गवाहों के बयान को कलमबद्ध कराया. जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विपिन कुमार यादव ने बहस की. दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने जानलेवा हमला मामले में जानकी महतो, बालो महतो व विनोद यादव को दोषी पाते हुए विभिन्न धाराओं में सजा सुनायी है.
