गिरिडीह : सीएए के समर्थन में निकाली गयी तिरंगा यात्रा के दौरान रविवार को पथराव की घटना के दूसरे दिन सोमवार को गिरिडीह शहर की स्थिति सामान्य रही. सुबह होते ही मुस्लिम बाजार छोड़कर शहर का बाजार आम दिनों की तरह खुल गया. ग्रामीण इलाकों से सब्जी बेचने वाले लोगों ने जहां फुटपाथ पर अपनी दुकान लगायी, वहीं लोग भी निर्भीक होकर अपने-अपने घरों से बाहर निकलकर दैनिक उपयोग की चीजें खरीदते देखे गये. राशन, कपड़ा, जेवर, मोबाइल समेत अन्य दुकानें भी खुली रहीं. बता दें कि रविवार को भाजपा, आरएसएस, विहिप, बजरंग दल आदि ने मिलकर संयुक्त रूप से तिरंगा यात्रा निकाली थी.
तनाव भूल दूसरे दिन ही पटरी पर लौटा शहर
गिरिडीह : सीएए के समर्थन में निकाली गयी तिरंगा यात्रा के दौरान रविवार को पथराव की घटना के दूसरे दिन सोमवार को गिरिडीह शहर की स्थिति सामान्य रही. सुबह होते ही मुस्लिम बाजार छोड़कर शहर का बाजार आम दिनों की तरह खुल गया. ग्रामीण इलाकों से सब्जी बेचने वाले लोगों ने जहां फुटपाथ पर अपनी […]

यात्रा झंडा मैदान से निकलकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए बड़ा चौक से वापस झंडा मैदान लौट रही थी. इसी क्रम में मौलाना आजाद चौक के पास पथराव की घटना हुई और लोग आक्रोश में मरने-मारने पर उतारू हो गये. बता दें कि तिरंगा यात्रा मौलाना आजाद चौक से निकल चुकी थी, लेकिन पीछे से कुछ लोगों ने जुलूस पर पथराव कर दिया. यह खबर आनन-फानन में जुलूस में शामिल अन्य लोगों तक पहुंच गयी और लोग आक्रोश में आकर वापस लौटने लगे. भीड़ वापस मुस्लिम बाजार और मौलाना आजाद चौक की तरफ बढ़ने लगी.
डीसी-एसपी ने आक्रोशित भीड़ को किया शांत : मौके पर डीसी राहुल कुमार सिन्हा व एसपी सुरेंद्र कुमार झा पहुंच गये और सूझ-बूझ से स्थिति को नियंत्रित किया. अधिकारियों ने जहां लोगों से दोषी लोगों के विरुद्ध कार्रवाई का भरोसा दिलाया, वहीं एसपी सुरेंद्र कुमार झा ने लोगों का गुस्सा मनोवैज्ञानिक रूप से शांत कराया.
भीड़ में पहुंचकर एसपी ने लोगों को समझाया और शांत होने की अपील की. साथ ही उन्होंने वहां उपस्थित व आक्रोशित लोगों से राष्ट्रगान गवाया और खुद भी गाये. इससे माहौल बिल्कुल बदल गया. उन्होंने लोगों से अपील भी किया कि लोग वापस अपने-अपने घर लौट जायें. उस वक्त कालीबाड़ी चौक के पास लगभग एक हजार से ज्यादा लोग एकत्रित हो गये थे और मुस्लिम बाजार की ओर बढ़ने पर आमदा थे. कई बार लोगों ने बैरिकेड को क्राॅस करना चाहा, लेकिन पुलिस के जवानों ने लोगों को रोके रखा.
डीसी-एसपी के काफी मशक्कत करने के बाद लोग शांत हुए और धीरे-धीरे वापस लौट गये. यदि यह भीड़ आगे बढ़ जाती तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी. हालांकि, डीसी-एसपी की सूझ-बूझ व उनकी सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया.