मारपीट मामले में दो दोषी

बांड पर दोनों को छोड़ा गिरिडीह : न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी निशिकांत की अदालत ने बुधवार को मारपीट के एक मामले में दो लोगों को दोषी पाया है. अदालत ने पांच हजार रुपये के बांड पर एक वर्ष तक शांति बनाये रखने के लिए दोनों को छोड़ दिया. मामला देवरी थाना अंतर्गत बांसडीह गांव का […]

बांड पर दोनों को छोड़ा

गिरिडीह : न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी निशिकांत की अदालत ने बुधवार को मारपीट के एक मामले में दो लोगों को दोषी पाया है. अदालत ने पांच हजार रुपये के बांड पर एक वर्ष तक शांति बनाये रखने के लिए दोनों को छोड़ दिया.
मामला देवरी थाना अंतर्गत बांसडीह गांव का है. 14.06.2009 को सूचक लखपति रविदास के आवेदन पर देवरी थाना में कांड संख्या 103/09 के तहत मामला दर्ज किया गया था. मामले में सूचक ने कहा था कि उस दिन सुबह साढ़े सात बजे उसकी पत्नी सुमा देवी अपने घर के दरवाजे पर बैठी थी.
तभी गणपत दास पिता स्व. भातू दास व उसकी पत्नी कोलेश्वरी देवी वहां पहुंचे और उसकी पत्नी के साथ गाली-गलौज करने लगे. मना करने पर गणपत दास ने उसकी पत्नी के साथ धक्का-मुक्की की. शोर सुन जब वह अपनी पत्नी को छुड़ाने पहुंचा तो लाठी से मारकर उसका भी सिर फोड़ दिया. इसके बाद उनकी पुत्रवधू रनिया देवी बीच बचाव करने पहुंची तो उसके साथ भी मारपीट की गयी.
आरोपियों ने उसकी पत्नी सुमा देवी के गले से चांदी की सिकड़ी छीन ली. कांड दर्ज होने के बाद देवरी थाना पुलिस ने अदालत में दोनों के विरुद्ध चार्जशीट समर्पित की. अभियोजन पक्ष से सहायक लोक अभियोजक रविशंकर चौधरी और बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता कपिलदेव चौधरी ने बहस की. अदालत ने मामले में गणपति दास तथा उसकी पत्नी कोलेश्वरी देवी को दोषी पाया और पांच हजार रुपये के बांड पर दोनों को छोड़ दिया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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