गिरिडीह : विधान सभा निर्वाचन कार्यों में असमर्थता जताते हुए काफी संख्या में कर्मचारियों ने शारीरिक रूप से अक्षम होने का दावा किया है. ऐसे कर्मचारियों के दावों की पुष्टि के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी राहुल कुमार सिन्हा के निर्देश पर मेडिकल बोर्ड का गठन कर लिया गया है. सिविल सर्जन डॉ. अवधेश कुमार सिन्हा की ओर से जारी आदेश में चार सदस्यीय चिकित्सकों का मेडिकल बोर्ड बनाया गया है. बोर्ड द्वारा स्वास्थ्य जांच कर उसकी रिपोर्ट संबंधित कर्मचारियों के पक्ष में जिला निर्वाचन पदाधिकारी को सौंपे जाने के बाद ही ऐसे कर्मचारियों को चुनाव के कार्य से बाहर किया जाएगा.
असमर्थ पाये जानेवाले निर्वाचन कार्यों में प्रतिनियुक्ति से रखे जाएंगे बाहर
गिरिडीह : विधान सभा निर्वाचन कार्यों में असमर्थता जताते हुए काफी संख्या में कर्मचारियों ने शारीरिक रूप से अक्षम होने का दावा किया है. ऐसे कर्मचारियों के दावों की पुष्टि के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी राहुल कुमार सिन्हा के निर्देश पर मेडिकल बोर्ड का गठन कर लिया गया है. सिविल सर्जन डॉ. अवधेश कुमार सिन्हा […]

इधर, इसे लेकर सिविल सर्जन डॉ. सिन्हा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिला निर्वाचन पदाधिकारी के निर्देश पर विधान सभा चुनाव के लिए पदाधिकारियों व कर्मियों का नियुक्ति पत्र निर्गत करने से पूर्व गंभीर बीमारी या शारीरिक अक्षमता के आधार पर पदाधिकारियों व कर्मियों को चुनाव कार्य में प्रतिनियुक्ति से विमुक्त किया जाएगा. इसके लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया जा रहा है. बोर्ड द्वारा निर्धारित तीन तिथियों में अपराह्न एक बजे से कार्य समाप्ति तक कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी.
चार चिकित्सक करेंगे स्वास्थ्य की जांच
मेडिकल बोर्ड में सदर अस्पताल में कार्यरत चार चिकित्सकों को शामिल किया गया है, जिसमें चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शशिभूषण चौधरी, सर्जन डॉ. राजीव कुमार, मनोचिकित्सक डॉ. फजल अहमद, भीबीडी पदाधिकारी डॉ. सत्यवती हेंब्रोम आिद हैं.
कहा गया है कि चिकित्सा बोर्ड के लिए 13 नवंबर, 14 नवंबर और 16 नवंबर की तिथि निर्धारित की गयी है. कहा गया है कि महिला कर्मचारियों व पदाधिकारियों के स्वास्थ्य की जांच के लिए महिला चिकित्सक डॉ. सत्यवती हेंब्रोम को जिम्मेदारी दी गयी है.
100 कर्मचारियों ने अस्वस्थ होने का किया है दावा
निर्वाचन कार्यो में शामिल हो पाने में असमर्थता जताते हुए जिले भर के करीब 100 कर्मचारियों और पदाधिकारियों ने अस्वस्थ होने का दावा किया है. इन कर्मचारियों व पदाधिकारियों ने कार्मिक कोषांग में आवेदन सौंपकर अस्वस्थ होने का दावा करते हुए मेडिकल बोर्ड में शामिल होने की बात कही है, जिसके आधार पर उसका मेडिकल जांच की जाएगी.
इन कर्मचारियों में से 84 कर्मचारियों की सूची कार्मिक कोषांग की ओर से स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करा दी गयी है. इन कर्मचारियों को अलग-अलग समूह में विभाजित कर उसके स्वास्थ्य की जांच की जाएगी.
इन कर्मचारियों में विनोद विश्वकर्मा, योगेंद्र सिंह, संजीव कुमार, मोहन कुमार महतो, बैजनाथ मंडल, रूपनारायण मंडल, शहजादा इरफान, नारायण रविदास, उपेंद्र कुमार, उमेश प्रसाद यादव, नीलेश कुमार, मो जहीर अंसारी, मो मुसर्रफ, भोला प्रसाद महतो, संतोष कुमार साव, दिनेश प्रसाद वर्णवाल, बिवास चंद्र दूबे, बिरेंद्र हेंब्रम आदि शामिल हैं.