सजा के बिंदु पर तीन अक्तूबर को अदालत करेगी सुनवाई
गिरिडीह : विशेष न्यायालय के विशेष न्यायाधीश सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम रामबाबू की अदालत ने नाबालिग का अपहरण करने के मामले में दो युवकों को बुधवार को दोषी करार दिया है. दोषी करार दिये गये युवक विशाल राम एवं धीरज राम हैं. दोनों को धारा 366ए एवं 8 पोक्सो में दोषी ठहराया गया है. अदालत ने इस मामले में सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए तीन अक्तूबर की तिथि निर्धारित की है. मामला मुफस्सिल थाना कांड संख्या – 269/18 दिनांक – 28.08.2018 से जुड़ा है.
लगभग एक साल में अदालत का इस मामले में फैसला आया है. अदालत में 10 गवाहों का परीक्षण अभियोजन पक्ष से कराया गया. मामले में चार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. जिसमें विशाल, धीरज के अलावा धीरज के माता-पिता शामिल थे. हालांकि कांड के अनुसंधानकर्ता मुफस्सिल थाना के तत्कालीन पुअनि गणेश पासवान द्वारा अदालत में विशाल राम व धीरज राम के विरुद्ध आरोप पत्र समर्पित किया था.
वहीं हरि राम व मुन्नी देवी के विरुद्ध दोषारोपण को असत्य बताया था. मामले की प्राथमिकी मुफस्सिल थाना में अपहृता के पिता ने दर्ज करायी थी. दर्ज प्राथमिकी में पिता ने कहा था कि 18 अगस्त 2018 को सुबह 5 बजे उनकी 16 वर्षीया पुत्री अपने घर से बाहर निकली. परंतु काफी देर बाद भी वह घर वापस नहीं लौटी. इसके बाद वे लोग खोजबीन करने लगे तो पता चला कि उसके पड़ोसी धीरज राम, धीरज के पिता हरि राम एवं हरि राम की पत्नी मुन्नी देवी ने मिलकर उसकी पुत्री का अपहरण किया है और कहीं अज्ञात जगह पर रखा है.
खोजबीन में यह भी पता चला कि धीरज अपने घर से सुबह से ही गायब है और उसे उसके एक रिश्तेदार विशाल राम सुबह साढ़े पांच बजे अपने मोटरसाइकिल में बैठा कर ले गया है. जब वे पुत्री की खोजबीन करने धीरज के घर गये तो धीरज घर से गायब था. पूछने पर उसके पिता व मां ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया. प्राथमिकी में कहा गया था कि कई बार उनकी पुत्री का अपहरण करने की धमकी धीरज ने दी थी.
