गिरिडीह : एक माह पूर्व हुई अधेड़ ऑटो चालक की गला रेतकर हत्या के मामले का खुलासा मुफस्सिल पुलिस ने कर लिया है. मृतक बेंगाबाद थाना इलाके के मोतीलेदा पंचायत के कोल्हासिंघा गांव निवासी 50 वर्षीय तिलक महतो था. पुलिस ने इस मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया है. वहीं मृतक का ऑटो भी बरामद कर लिया गया है.
गिरफ्तार आरोपितों में पचंबा थाना इलाके के जगपतारी निवासी सद्दाम अंसारी उर्फ बबलू, बोड़ो के निसार अंसारी व डोमटोली बोडो निवासी सूरज राय उर्फ नुनुआ शामिल है. यह जानकारी रविवार की शाम को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव ने दी. मौके पर थाना प्रभारी रत्नेश मोहन ठाकुर व अनि गुप्तेश्वर पांडेय मौजूद थे.
ऐसे हुई गिरफ्तारी
एसडीपीओ ने बताया कि 20 जुलाई को मुफस्सिल थाना इलाके के करमाटांड़ जंगल में एक व्यक्ति की गला रेतकर हत्या किये जाने की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी दलबल के साथ पहुंचे थे. जंगल से एक अधेड़ की लाश बरामद की गयी. इस घटना को लेकर मुफस्सिल थाना में कांड संख्या 157/19 धारा 302 भादवि दर्ज किया गया था.
अनुसंधान के क्रम में अज्ञात मृतक की पहचान बेंगाबाद थाना इलाके के मोतीलेदा पंचायत के कोल्हासिंघा गांव निवासी 50 वर्षीय तिलक महतो के तौर पर की गयी. इस दौरान यह भी पता चला कि तिलक जेएच 11टी-6187 नंबर की ऑटो लेकर अपने घर से निकला था और ऑटो भी गायब है.
इस पर अनुसंधान को लेकर थाना प्रभारी व अनुसंधानकर्ता को कई आवश्यक निर्देश दिया गया और गायब ऑटो की खोज शुरू की गयी. इस बीच रविवार की सुबह ऑटो को नगर थाना इलाके के भंडारीडीह स्वर्ण सिनेमा हॉल के समीप से बरामद किया गया और ऑटो के साथ सद्दाम को पकड़ा गया.
सद्दाम ने कड़ाई से पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया. बताया कि इस घटना को अंजाम देने में निसार व सूरज भी शामिल थे. उन्हें गिरफ्तार करने के बाद तीनों की स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर घटना में प्रयुक्त चाकू व अभियुक्त सद्दाम का मृतक के खून से सना शर्ट भी घटनास्थल के बगल से बरामद किया गया. इस मामले में तीनों को जेल भेजा जायेगा.
मरीज लाने के लिए ऑटो किया था बुक
पकड़े गये सद्दाम ने पुलिस के समक्ष कई राज खोले हैं. उसने बताया कि घटना के दिन 19 जुलाई के 10 बजे दिन सदर अस्पताल के पास ऑटो चालक तिलक मिला था. उसे कहा एक मरीज को घोरबाद से लाना है. ऑटो बुक करने के बाद सद्दाम ऑटो के साथ घोरबाद की ओर निकल गया. इस बीच करमाटांड़ जंगल में सद्दाम ने बकरी के पत्ता तोड़ने की बात कहकर ऑटो रुकवाया.
ऑटो को रोकते ही सद्दाम ने तिलक को कहा कि वह भी जंगल चले और अपने मवेशियों के लिये पत्ता तोड़ ले. इसके बाद तिलक को लेकर सद्दाम जंगल में चला गया, जहां पहले से बाइक पर सवार हो निसार व सूरज मौजूद थे. तीनों ने तिलक को पकड़कर गमछा से हाथ-पैर बांध दिया़ सद्दाम ने उसका गला धारदार चाकू से रेत दिया. इसके बाद सभी ऑटो लेकर फरार हो गये.
ऑटो ले देवघर भागा था : सद्दाम ने बताया कि वह कर्ज में डूबा हुआ है. उसने ऑटो का लुक व नंबर बदल कर ऑटो लेकर देवघर चला गया. वहां वाहन जांच देख पकड़े जाने का डर सताने लगा. वह ऑटो लेकर वापस लौटा और पुलिस के हत्थे चढ़ गया.
