गिरिडीह : जल कर की पूरी राशि नहीं मिलने से जल स्वच्छता समिति की ओर से पेयजलापूर्ति बंद कर दी गयी है. इससे पिछले चार दिनों से जलापूर्ति बंद रहने से महेशलुंडी, करहरबारी व अकदोनी कला की लगभग 15 हजार की आबादी प्रभावित है. मामला सदर प्रखंड के बदडीहा पेयजलापूर्ति योजना से जुड़ा है.
इससे परेशान कई उपभोक्ताओं की शिकायत है कि वे जलकर दे रहें हैं जबकि कई उपभोक्ताओं का कहना है कि जलकर लेनेवाला कोई नहीं है तो वे कर किसे दें. ज्ञात हो कि लगभग ढाई वर्ष पूर्व इस पेयजलापूर्ति योजना की शुरुआत की गयी थी.
इससे इन तीनों पंचायतों के कई गावों को जोड़ा गया था. बाद में धीरे-धीरे संवेदक की ओर से पानी के कनेक्शन की संख्या बढ़ा देने से कई जगहों पर पानी नहीं पहुंचने लगा.
इस बीच चार दिनों से पानी की आपूर्ति बाधित रहने से लोगों की परेशानी और बढ़ गयी है. उपभोक्ताओं ने जल्द जलापूर्ति शुरू कराने की मांग की है.
समिति की बैठक में नहीं निकला ठोस निर्णय
पानी की समस्या को देखते हुए रविवार की दोपहर कैलीबाद में समिति की बैठक अध्यक्ष हरगौरी साहू की अध्यक्षता में की गयी. इसमें गिरिडीह सांसद प्रतिनिधि संजय साव, पीएचइडी के कनीय अभियंता जे भगत, करहरबारी मुखिया मुमताज अंसारी मुख्य रूप से मौजूद थे.
बैठक में वर्तमान समस्या पर विचार विमर्श किया गया. अध्यक्ष हरगौरी साहू ने कहा कि जलकर नाम मात्र का जमा हो रहा है. संवेदक की मनमानी से कई लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है और जलकर की वसूली प्रभावित हो रही है.
संवदेक की ओर से पानी की पाइप लाइन बिछाने के दौरान सड़कों को भी कोड़ दिया गया है. इसकी मरम्मत किये बिना ही विभाग को योजना हैंडओवर कर दिया गया. जलकर का पूरा हिसाब होने के बाद ही जलापूर्ति शुरू की जायेगी. इस पर जेइ ने कहा कि समस्या के निदान के लिए आठ अगस्त को बैठक करें.
इसमें उपभोक्ता के साथ सभी जलसहियाओं को भी बुलायें, ताकि मामला साफ हो सके. इस दौरान उपमुखिया पवन राय समेत कई लोग मौजूद थे. भाजपा नेता अरूण राणा का कहना है कि समिति के खाते में जो रकम जमा है, उससे ही मेंटनेंस का काम होना चाहिए. लोगों की परेशानी को देखते हुए जल्द से जल्द पानी की आपूर्ति शुरू हो.
