गिरिडीह : हत्या के प्रयास के मामले में बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ ध्रुव चंद्र मिश्रा की अदालत ने बुधन साव, बीरेंद्र साव और झारखंडी साव को दोषी पाया है. बुधन साव और बीरेंद्र साव सगे भाई है. दोषी ठहराये जाने के बाद जमानत पर चल रहे बुधन, बीरेंद्र व झारखंडी तीनों को न्यायिक हिरासत में लेते हुए गिरिडीह केंद्रीय कारा भेज दिया गया.
अदालत इस मामले में सजा के बिंदु पर 16 मार्च को सुनवाई करेगी. मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बरहमोरिया गांव का है. घटना 27 सितंबर 2006 की है. इस संबंध में रामप्रसाद साव ने मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. दर्ज प्राथमिकी में कहा गया था कि 27 सितंबर की शाम छह बजे उसके चाचा चरकु साव अपनी दुकान में थे.
इसी दौरान हरवे हथियार से लैस होकर लोग उसके दुकान में घुस गये. पैसे की मांग को लेकर उनके चाचा से झगड़ा करने लगे तथा टांगी और रड से मारकर चाचा को जख्मी कर दिया. चाचा को बचाने जब चाची पार्वती देवी व सोनिया देवी आयी तो उन दोनों को भी रड और टांगी से मारकर घायल कर दिया गया.
