क्रेडिट डिपोजिट रेशियो को 60 फीसदी करने पर जोर

गिरिडीह : जिला स्तरीय साख समिति (डीएलसीसी) की बैठक सोमवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में डीडीसी मुकुंद दास की अध्यक्षता में हुई. बैठक में डीडीसी ने क्रेडिट डिपोजिट रेशियो को 60 प्रतिशत करने पर विशेष जोर दिया. साथ ही स्वयं सहायता समूह के ऋण संबंधी लंबित आवेदन को स्वीकृति प्रदान कर समूह को ऋण उपलब्ध […]

गिरिडीह : जिला स्तरीय साख समिति (डीएलसीसी) की बैठक सोमवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में डीडीसी मुकुंद दास की अध्यक्षता में हुई. बैठक में डीडीसी ने क्रेडिट डिपोजिट रेशियो को 60 प्रतिशत करने पर विशेष जोर दिया. साथ ही स्वयं सहायता समूह के ऋण संबंधी लंबित आवेदन को स्वीकृति प्रदान कर समूह को ऋण उपलब्ध कराने की बात कही.

समीक्षा के दौरान उन्होंने पाया कि जिले के विभिन्न बैंकों में एसएसजी के काफी संख्या में ऋण संबंधी आवेदन लंबित पड़े हुए हैं. उन्होंने बैंक प्रबंधकों को निर्देश दिया कि ऐसे आवेदन को अविलंब स्वीकृति प्रदान करें और स्वयं सहायता समूह को ऋण उपलब्ध करायें. डीडीसी ने किसान क्रेडिट कार्ड के तहत किसानों को ऋण देने का निर्देश दिया.

सूखाग्रस्त प्रखंड के अधिक से अधिक किसानों को ऋण उपलब्ध करायें. डीडीसी ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की भी समीक्षा की और लघु एवं कुटीर उद्योग को बढ़ावा देने पर जोर दिया. पीएमइजीपी की समीक्षा करते हुए डीडीसी ने लंबित आवेदनों का निपटारा करने का निर्देश दिया. इस दौरान उन्होंने नाबार्ड द्वारा प्रस्तुत पोटेंशियल लिंक्ड प्रोग्राम (पीएलपी)नामक पुस्तक का भी विमोचन किया.

ये थे मौजूद : बैठक में रिजर्व बैंक के एजीएम ऋषि रंजन कुमार, एलडीएम रवींद्र कुमार सिंह, नाबार्ड के डीडीएम एके गौतम, आरसेटी के निदेशक मुकेश कुमार सिन्हा, स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक सुशील कुमार, झारखंड ग्रामीण बैंक के रीजनल मैनेजर एमके वर्मा, जेएसएलपीएस के समन्वयक राम कुमार, एफएलसीसी के काउंसेलर मो. जुबेर समेत विभिन्न बैंकों के पदाधिकारी भी मौजूद थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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