गिरिडीह : बिरनी थाना क्षेत्र के भरकट्टा गादी स्थित मंडरखा निवासी गीता देवी पति सुखदेव महतो ने मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को पत्र लिख कर आयुष्मान योजना का लाभ दिलाने की मांग की है. कहा कि वह गंभीर बिमारी से पीड़ित है और उनकी आंत में छेद है. वह अपना इलाज शहरी क्षेत्र के विश्वनाथ नर्सिंग होम में कराने के लिए 17 अक्टूबर को पहुंची और उसका ऑपरेशन 19 अक्टूबर को किया गया है.
अभी तक इसी नर्सिंग होम में वह इलाजरत है. यह भी कहा कि वह गरीब परिवार से आती है और उसके पास पर्याप्त राशि भी नहीं है. इससे वह अपना इलाज कराने में असमर्थ है. उसने आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाले लाभ के लिए कार्ड भी बनाया, लेकिन अस्पताल प्रबंधक उसे लाभ नहीं दे रहा है. अस्पताल प्रबंधक का कहना है कि इस कार्ड का सिर्फ एक ही दिन लाभ मिल सकता है और बार-बार मुझसे पैसे की मांग की जा रही है. अस्पताल प्रबंधक को अब तक दी गयी है 70 हजार की राशि : रामप्रसाद
इधर गीता के भाई राम प्रसाद वर्मा ने बताया कि उन्होंने अपनी बहन को इलाज के लिए 17 अक्टूबर को विश्वनाथ नर्सिंग होम में भर्ती करवाया था. उस वक्त आयुष्मान योजना के तहत कार्ड नहीं बना था. 19 अक्टूबर को उसकी बहन का ऑपरेशन हुआ. इसके बाद उन्होंने 70 हजार रुपये जमा किया. मंगलवार को उसकी बहन का आयुष्मान योजना के तहत कार्ड भी बना इसका नंबर (पीओएफआरएम15सी9) है.
जब उन्होंने अस्पताल प्रबंधक से फीस में कटौती करने की मांग की तब प्रबंधक ने कार्ड को स्वीकार करने से इंकार कर दिया और कहा कि इस कार्ड का लाभ सिर्फ एक ही दिन मिल सकता है. इधर आयुष्मान योजना के मित्र मनोज कुमार का कहना है उसके कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर में जनरल फिजिशियन का डाटा अपलोड नहीं है. इस कारण मरीज को परेशानी हो रही है.
इधर, सिविल सर्जन डाॅ. रामरेखा प्रसाद ने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत बनने वाले कार्ड के बाद मरीज को पांच लाख रुपये तक की छूट मिलती है. इस योजना से जुड़े अस्पताल अगर मरीज को कार्ड का लाभ नहीं दे रहा है तो इसकी जांच करायी जायेगी. कहा कि उन्हें अब तक मरीज या उनके परिजनों द्वारा लिखित आवेदन नहीं दिया गया है. आवेदन मिलने के बाद हर हाल में मरीज को आयुष्मान योजना का लाभ दिलाया जायेगा.
