आबादी में भी हुआ इजाफा, आरक्षण को लेकर संशय
गुपचुप तरीके से जनसंपर्क कर रहे हैं दावेदार
गिरिडीह : गिरिडीह नगर निगम की घोषणा के बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने लगी है. अभी चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी नहीं हुई है, फिर भी मेयर से लेकर वार्ड पार्षद के पद तक को ले लोग मंत्रणा करने लगे हैं.
आरक्षण को ले स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण तमाम पदों के दावेदार उधेड़बुन में फंसे हुए हैं. खास कर मेयर पद के दावेदार काफी ऊहापोह में दिख रहे हैं. जनसंपर्क शुरू : इस बार हर क्षेत्र के लोग अपना भाग्य आजमाने को बेताब नजर आ रहे हैं. वर्तमान नप अध्यक्ष दिनेश प्रसाद यादव समेत सभी या तो राजनीतिक जगत से हैं तो या फिर शिक्षा व व्यवसाय क्षेत्र से. अध्यक्ष पद के लिए मन बनाये ऐसे लोग गुपचुप जनसंपर्क चला रहे हैं. कुछेक वार्ड पार्षद तो अपनी पत्नी को चुनावी मैदान में उतारने की सोच रहे हैं.
ओबीसी के लिए आरक्षित था अध्यक्ष पद
गत नप चुनाव में अध्यक्ष का पद ओबीसी के लिए व उससे पूर्व ओबीसी महिला के लिए अध्यक्ष पद आरक्षित था. अब निगम बनने के बाद मेयर का पद आरक्षित रहेगा या अनारक्षित, इसे लेकर स्थिति अस्पष्ट है. अटकलों का बाजार गर्म है. नप कार्यालय व शहरी क्षेत्र में दिन भर इसीकी चर्चा होती रहती है. इससे नये सीमांकन ने कई वार्ड पार्षदों की बेचैनी बढ़ा दी है. नये परिसीमन में एक एक वार्ड में दो-तीन पार्षदों का मकान आ गया है. यह उनके लिए चिंता का विषय बना हुआ है. बताया जाता है कि परिसीमन को लेकर दो दर्जन से अधिक आपत्ति जिला निर्वाचन पदाधिकारी के नाम सुपुर्द की गयी है.
पहले थे 30 वार्ड
नप में पहले 30 वार्ड था. निगम बनने के बाद इसकी संख्या बढ़ गयी है. अब 36 वार्ड हो गया है. नये परिसीमन के बाद 13 पंचायतों के 26 राजस्व ग्राम भी इसमें जोड़े गये हैं. इस वजह से अब इसकी आबादी 114533 से बढ़ कर 180610 हो गयी है.
