पीडीएस. इ-पोस मशीन और आवंटन के बिना गिरिडीह के 147 डीलर हुए बेरोजगार
जनवितरण प्रणाली में डीबीटी ने सिस्टम को हाइटेक तो कर दिया, पर जिला के ठेला भेंडरों के सामने बेरोजगारी का भयानक संकट उत्पन्न हो गया है. लगातार मांग के बाद इन भेंडरों को पीडीएस का लाइसेंस दे दिया गया, पर इ-पोस मशीन के बिना यह झुनझुना बना रह गया है.
गिरिडीह : सप्ताहिक हाटों में ठेला से ग्रामीणों तक केरोसीन पहुंचाने वाले 147 ठेला भेंडर एक साल से बेरोजगार हैं. बेरोजगारी का आलम यह है कि अब वह बुरी तरह आर्थिक तंगी के शिकार हैं. वह कर्ज में डूबते जा रहे हैं. उनकी पूंजी उनके गुजर-बसर में खत्म होती जा रही है. लगातार सरकारी आश्वासन के बाद पीडीएस का लाइसेंस तो मिल गया, पर मशीन व आवंटन के बिना लाइसेंस झुनझुना बन गया है.
पीडीएस डीलर बनने का सच : गिरिडीह जिला में 147 ठेला भेंडर थे जो साप्ताहिक हाटों में केरोसिन तेल बेचते थे. इस हाट में बिना राशन कार्डवाले ग्रामीणों को केरोसिन दिया जाता था या फिर जिन्हें पीडीएस से केरोसिन नहीं मिल पाता था.
केरोसिन से सब्सिडी खत्म कर उसकी राशि डीबीटी के माध्यम से जब सीधे उपभोक्ताओं के खाते में भेजी जाने लगी तबसे इन इेला भेंडरों के समक्ष संकट उत्पन्न हुआ. ऐसे ठेला भेंडरों ने सरकार से उन्हें पीडीएस में बदलने की मांग की थी. सरकार ने भी उसकी समस्याओं को देखते हुए सभी भेंडरों को पीडीएस डीलर की अनुज्ञप्ति तो दे दी, पर दो माह बाद भी उन्हें इ-पोस मशीन नहीं मिल पायी है. मशीन नहीं मिलने के कारण उसका खाद्यान व केरोसिन का आवंटन भी जिला को नहीं मिल पाया है.
कौन सुनेगा डीलर की फरियाद
ठेला भेंडर से पीडीएस दुकान का लाइसेंस प्राप्त कर चुके डीलर रामरतन राम का कहना है कि सरकार ने जिला के सभी ठेला भेंडरों को पीडीएस का लाइसेंस तो दे दिया, लेकिन इ-पोस मशीन नहीं दी है
बतक सभी डीलरों को मशीन नहीं मिलेगी तबतक जिला को आवंटन नहीं मिलेगा. ऐसे में ठेला भेंडर के सभी पीडीएस डीलर पिछले एक साल से बेरोजगार हैं. कहा कि काफी अनुनय-विनय के बाद करीब दो माह पूर्व सभी ठेला भेंडरों को पीडीएस की अनुज्ञप्ति मिल गयी, पर उनकी बेरोजगारी अब भी दूर नहीं हो पायी है.
अक्तूबर में मशीन मिलने की उम्मीद : आपूर्ति पदाधिकारी
जिला आपूर्ति पदाधिकारी रामचंद्र पासवान ने कहा है कि गिरिडीह जिला के 147 ठेला भेंडरों को पीडीएस का लाइसेंस दे दिया गया है. उन्हें मशीन नहीं मिल पायी है. डीलरों को मशीन उपलब्ध कराने के लिए सरकार को लिखा गया है. इस माह के अंत तक मशीन मिल जाने की संभावना है. मशीन मिलते ही जिला को आवंटन भी प्राप्त हो जायेगा.
