20 हजार का जुर्माना, जुर्माना नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा
मामला मुफस्सिल थाना अंतर्गत पुरनानगर गांव
गिरिडीह : जिला व सत्र न्यायाधीश पंचम सुनील कुमार सिंह की अदालत ने बुधवार को हत्या के एक मामले में मो वाजिद को धारा 302 भादवि में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. इस मामले में अदालत ने 20 हजार का जुर्माना भी लगाया है.
जुर्माना नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी. मामला मुफस्सिल थाना अंतर्गत पुरनानगर गांव का है. सूचक पुरना नगर निवासी मो इंजमामुल पिता शेख शहबाज ने पुलिस को दिये बयान में कहा कि छह जनवरी 2007 को वह अपने घर का सामान लाने के लिए दुकान जा रहे थे. इसी दौरान सड़क पर एक पुलिया के पास मो वाजिद, मो वाहिद, मो छोटू, मो चिरू, मो मिन्हाज, मो जाकीर आदि लोग खड़े थे. कहा कि क्रिकेट खेलने को लेकर पूर्व में विवाद हुआ था. जब वह पुलिया के पास पहुंचे तो आरोपियों ने कहा कि इसे घर ले जाकर काट दो.
इस कारण वह काफी डर गया और जोर-जोर से शोर करने लगा. शोर सुन उसका मामा मो फरीद वहां पहुंचा. तब वे लोग उसके मामा को पकड़कर मारपीट करने लगे. मो फरीद को रॉड से मारकर जख्मी कर दिया गया. इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. यहां से बेहतर इलाज के लिए चिकित्सकों ने उसे रांची रेफर कर दिया. इलाज के क्रम में ही 21.01.2007 को फरीद की मौत हो गयी. घटना के बाद मुफस्सिल थाना में कांड संख्या 18/07 दिनांक 11.01.2007 को एक मामला दर्ज हुआ. मामले में अदालत ने मो वाजिद को दोषी पाते हुए यह सजा सुनायी. अभियोजन पक्ष की ओर से एडिशनल पीपी लुकस मरांडी व बचाव पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता शंकरलाल खेतान ने इस मामले में बहस की.
