हत्या का दोष सिद्ध नहीं होने पर दो आरोपी बरी

मामला मुफस्सिल थाना अंतर्गत महुआटांड़ गांव का मुफस्सिल थाना में 03.03.2007 को दर्ज की गयी थी प्राथमिकी गिरिडीह : जिला व सत्र न्यायाधीश चतुर्थ एके पांडेय की अदालत ने शुक्रवार को दोष सिद्ध नहीं होने पर दो लोगों को बरी कर दिया है. यह मामला मुफस्सिल थाना अंतर्गत महुआटांड़ गांव का है. सूचक बैजनाथ यादव […]

मामला मुफस्सिल थाना अंतर्गत महुआटांड़ गांव का
मुफस्सिल थाना में 03.03.2007 को दर्ज की गयी थी प्राथमिकी
गिरिडीह : जिला व सत्र न्यायाधीश चतुर्थ एके पांडेय की अदालत ने शुक्रवार को दोष सिद्ध नहीं होने पर दो लोगों को बरी कर दिया है. यह मामला मुफस्सिल थाना अंतर्गत महुआटांड़ गांव का है. सूचक बैजनाथ यादव के बयान पर मुफस्सिल थाना में 03.03.2007 को मामला दर्ज किया गया था. पुलिस को दिये बयान में उन्होंने कहा कि दो मार्च को जब वह सोकर उठा तो गांव के धनराज यादव ने उसके मंझले भाई रामेश्वर यादव की हत्या होने की सूचना दी. कहा कि शव बजटो उत्क्रमित मध्य विद्यालय के पास पड़ा है.
जब वह घटनास्थल पर पहुंचा तो पाया कि तेज धारदार हथियार से उसके भाई रामेश्वर यादव की गला रेतकर हत्या कर दी गयी थी. वहीं सड़क पर पोस्टर पड़ा था जिसमें पुलिस मुखबिर को सजा देने की बात लिखी थी. इस संबंध में मुफस्सिल थाना में धारा 147, 341, 302, 201 के तहत मामला दर्ज किया गया. इसमें कुमरगड़िया निवासी बासुदेव यादव पिता बनवारी यादव तथा कट्टुटांड़ निवासी टेकलाल महतो पिता मुणि महतो को अभियुक्त बनाया गया.बैजनाथ यादव ने आरोप लगाया कि उसके भाई की हत्या सात-आठ अन्य लोगों ने मिलकर की है.
सत्रवाद संख्या 368/07 में अदालत ने दोष सिद्ध नहीं होने पर बासुदेव यादव व टेकलाल महतो को बरी कर दिया है. मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी सुधीर ओझा व बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अजीत कुमार राय तथा उमाशंकर प्रसाद ने बहस की.

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