वज्रपात की घटना के बाद परिजनों द्वारा सरकारी मुआवजा लेने से इनकार किये जाने का मामला बुधवार को चर्चा का विषय बना रहा. अधिकारी परिजनों को मनाते रहे, लेकिन परिजन अपने निर्णय पर अड़े रहे. अंतत: बिना पोस्टमार्टम के बच्चों को दफना दिया गया.
बगोदर : सरिया थाना क्षेत्र के मुंडरो गांव के कसियाडीह टोला में मंगलवार को हुई वज्रपात की घटना में मरे चारों बच्चों के परिजनों ने मुआवजा लेने से इनकार कर दिया. सरकारी प्रावधान के तहत वज्रपात से मृत परिवार के आश्रितों को चार लाख रुपये दिये जाने का प्रस्ताव है, लेकिन सरकारी प्रक्रिया से गुजरना होता है़ इधर, घटना को लेकर मृत बच्चों के परिजनों ने न तो शवों का पोस्टमार्टम कराया और न ही थाना में मामला दर्ज कराया. बगोदर सीओ अब्दुल समद ने बताया कि सरकारी मापदंड के तौर वज्रपात की घटना में मरे बच्चों के परिजनों को कई बार समझाया गया़
हालांकि परिजन अपने निर्णय पर अड़े रहे. सीओ बताया कि बगोदर में ही पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह से मेडिकल टीम भी बुलायी गयी थी. परिजनों द्वारा पोस्टमार्टम नहीं कराने के निर्णय के बाद टीम वापस लौट गयी.
