भवनाथपुर. भवनाथपुर प्रखंड परिसर में योग प्रशिक्षक शंकर प्रिय ने मंगलवार से चार सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया है. अनशन स्थल पर लगाये गये बैनर में उन्होंने अपने संघर्ष को "हक, अधिकार और स्वाभिमान की रक्षा हेतु अंतिम सांस तक संघर्ष" बताया है.
अनुभवी को नजरअंदाज कर नवसिखुआ के चयन का आरोप
शंकर प्रिय की चार सूत्री मांगों में अनुभवी योग प्रशिक्षक शंकर प्रिय की अनदेखी कर नवसिखुआ श्रवण कुमार पटेल का चयन किये जाने का मामला शामिल है.
उनका आरोप है कि जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी, गढ़वा व लिपिक शंकर चौधरी द्वारा दबाव व झूठे वादे कर उनसे त्यागपत्र दिलवाया गया. इसके बाद भी मूल स्थान भवनाथपुर की जगह 12 किमी दूर तुलसीदामर भेज दिया गया.
75 हजार रुपये मानदेय के नुकसान का दावा
शंकर प्रिय के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवनाथपुर में त्यागपत्र के बाद 4 नवंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक लगभग 75,000 रुपये मानदेय का आर्थिक नुकसान हुआ.
उनकी मांगों में यह भी शामिल है कि त्यागपत्र के बाद भी उन्होंने भवनाथपुर में अवैतनिक सेवा देना जारी रखा.
मांगें पूरी होने तक अनशन जारी रखने की बात
शंकर प्रिय ने कहा है कि अनशन के दौरान किसी भी प्रकार की क्षति की पूरी जवाबदेही जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी और लिपिक शंकर चौधरी व चयन समिति की होगी.
उन्होंने कहा कि हमारी मांगें जब तक पूरी नहीं होती हैं, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा.
