बिजली-पानी की किल्लत पर गढ़वा में बवाल, भाजपा का 'घड़ा फोड़' प्रदर्शन, सरकार पर बोला हमला

Garhwa News: गढ़वा में पानी और बिजली संकट के खिलाफ भाजपा ने घड़ा फोड़ प्रदर्शन किया. नेताओं ने सरकार पर भ्रष्टाचार और लापरवाही का आरोप लगाया. भीषण गर्मी में जनता परेशान है. समस्या जल्द नहीं सुलझने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

गढ़वा से अविनाश सिंह की रिपोर्ट

Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले में गहराते जल संकट और लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है. भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे पर सीधा मोर्चा खोलते हुए बुधवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय (उपायुक्त कार्यालय) के मुख्य द्वार पर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए. तपती धूप के बीच कार्यकर्ताओं ने ‘घड़ा फोड़’ कर सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जताया.

घड़ा फोड़कर जताया विरोध

भाजपा जिला अध्यक्ष उदय कुशवाहा के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से घड़ा फोड़कर जल संकट की गंभीरता को उजागर किया. उनका कहना था कि गढ़वा में पानी की समस्या विकराल रूप ले चुकी है, लेकिन प्रशासन और सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं. प्रदर्शन के दौरान सरकार विरोधी नारे भी लगाए गए.

भानु प्रताप शाही का सरकार पर हमला

इस मौके पर भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि गढ़वा जिले में 10 हजार से अधिक चापाकल खराब पड़े हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में पानी की भारी किल्लत हो गई है. उन्होंने कहा कि जल-नल योजना के नाम पर हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई लाभ नहीं दिख रहा है.

शाही ने तंज कसते हुए कहा कि सड़कों पर खड़ी पानी की टंकियां केवल दिखावा बनकर रह गई हैं और आम जनता को इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस योजना में भारी भ्रष्टाचार हुआ है.

विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने उठाए सवाल

गढ़वा के विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने भी सरकार और प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि जिले में प्रशासनिक संवेदनहीनता चरम पर है. पांच साल तक पेयजल मंत्री रहने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया. उन्होंने आरोप लगाया कि विकास केवल कागजों पर दिख रहा है, जबकि धरातल पर जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है.

आम जनता की बढ़ती परेशानी

भीषण गर्मी के बीच बिजली की अनियमित आपूर्ति और पानी की किल्लत ने आम लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है. कई जगहों पर महिलाएं और बच्चे पानी के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं. ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी खराब है, जहां लोग दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर हैं.

उग्र आंदोलन की चेतावनी

भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही खराब चापाकलों की मरम्मत नहीं की गई और बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं हुई, तो पार्टी उग्र आंदोलन करेगी. उन्होंने कहा कि जनता के हक के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रहेगा और जरूरत पड़ी तो सरकारी कामकाज भी ठप किया जाएगा.

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संघर्ष जारी रखने का ऐलान

प्रदर्शन के अंत में जिला अध्यक्ष उदय कुशवाहा ने कहा कि यह आंदोलन केवल शुरुआत है. जब तक हर घर तक पानी और हर गांव तक बिजली नहीं पहुंचती, भाजपा का संघर्ष जारी रहेगा. इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी के वरिष्ठ नेता, मंडल अध्यक्ष और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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