धुरकी थाना क्षेत्र में धर्मांतरण का मामला फिर से चर्चा में है. ग्रामीणों के अनुसार, कुछ लोग गांव के भोले-भाले आदिवासी और दलित परिवारों को बहलाकर धर्मांतरण करने की कोशिश कर रहे हैं. विशेष रूप से मिरचईया गांव के तनवाही टोला और कदव गांव में हाल ही में इस प्रकार की घटनाएं सामने आयी हैं. इस मामले के विरोध में ग्रामीणों ने धुरकी पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी जनार्दन रावत ने एसआइ सुभाष अकेला और शस्त्र बल के जवानों को गांव भेजकर मामले की जांच की. पुलिस ने बताया कि धर्मांतरण का कोई ठोस मामला सामने नहीं आया है. उन्होंने बताया कि कुछ लोग आपस में धर्मांतरण के बारे में बातचीत कर रहे थे, लेकिन धर्मांतरण का कोई प्रमाण नहीं मिला. हालांकि, 25 दिसंबर को तनवाही टोला में धर्मांतरण का मामला सामने आया था. सूचना मिलते ही पुलिस ने टोला पहुंचकर मामले की जांच की थी और पाया कि लोग बड़ा दिन के मौके पर अपना धार्मिक कार्यक्रम कर रहे थे. लेकिन, ग्रामीणों का आरोप है कि इस तरह के कार्यक्रमों की आड़ में धर्मांतरण की योजनाएं बनायी जा रही हैं.
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