प्रतिनिधि, धुरकी/ रंका जिले के धुरकी और रंका थाना क्षेत्रों के जंगलों में महुआ चुनने गये दो लोगों की हाथियों के हमले से मौत हो गयी. धुरकी थाना क्षेत्र के कदवा गांव में 62 वर्षीय दईब कोरवा महुआ चुनने जंगल गये थे, जहां जंगली हाथियों ने उन्हें कुचलकर मार डाला. मृतक परिवार का मुख्य कमाऊ सदस्य था. रविवार को जंगल जाने के बाद जब वे घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उन्हें तलाशना शुरू किया और सोमवार सुबह उनका क्षत-विक्षत शव जंगल में मिला. शव के पास हाथियों के पैस के ताजे निशान मिले, जिससे स्पष्ट हुआ कि हमला हाथियों के झुंड ने किया था. वनपाल प्रमोद कुमार यादव और धुरकी पुलिस मौके पर पहुंचकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया.डीएफओ अंशुमान राजहंस ने कहा कि मृतक परिवार को सरकारी प्रावधान के तहत चार लाख रुपये की सहायता दी जायेगी, जिसमें से 50 हजार रुपये सहायत तत्काल दी गयी. वहीं रंका थाना क्षेत्र की दुधवल पंचायत के बाहोकुदर जंगल में 30 वर्षीय मुन्ना सिंह महुआ चुनने के लिए जंगल गये थे, जहां हाथियों के झुंड ने उन्हें पटक-पटक कर मार डाला. ग्रामीणों ने उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेजा फूलस्टॉप वनपाल राजीव पांडेय ने शोकाकुल परिवार से मुलाकात की और तत्काल 50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की, जबकि सरकारी प्रक्रिया पूरी होने पर शेष 3.5 लाख रुपये दिये जायेंगे. वन विभाग ने लोगों से जंगल में सतर्क रहने और अकेले न जाने की अपील की है, साथ ही हाथियों को आबादी से दूर रखने के ठोस उपाय करने की मांग की जा रही है.
जंगल में महुआ चुनने गये दो लोगों की हाथियों के हमले मौत
जंगल में महुआ चुनने गये दो लोगों की हाथियों के हमले मौत
