गढ़वा कृषि बाजार समिति में परिवहन शुल्क की हो रही वसूली, सुविधा शून्य

गढ़वा कृषि बाजार समिति में परिवहन शुल्क की हो रही वसूली, सुविधा शून्य

जितेंद्र सिंह, गढ़व

गढ़वा कृषि उत्पादन बाजार समिति में वाहनों से परिवहन शुल्क के नाम पर 10 से 20 रुपये प्रति वाहन वसूला जा रहा है. छोटे वाहनों (ऑटो) से 10 और बड़े वाहनों से 20 रुपये लिये जाते हैं. यह शुल्क गेट पर ही लिया जाता है, चाहे वाहन परिसर से सामग्री खरीदकर बाहर निकल रहे हों या नहीं. कृषि उत्पादन बाजार समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि यह शुल्क वैध है और इसके एवज में रसीद भी दी जाती है. वहीं, जब प्रभात खबर के संवाददाता मौके पर पहुंचे तो देखा कि वाहन चालकों से बिना रसीद वसूली की जा रही थी. संवाददाता के पूछने पर काउंटर पर मौजूद कर्मी ने बक्से से रसीद निकालकर काटना शुरू किया. वहीं विक्रेताओं ने नाम नहीं बताने की शर्त पर बताया कि बाजार समिति परिसर में साफ-सफाई व अन्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था नहीं हैं. जबकि ठेले पर फल बेचने वाले विक्रेताओं ने बताया कि उनसे भी ठेला लगाने के एवज में प्रतिदिन 20 रुपये व साफ-सफाई के नाम पर 10 रुपये की वसूली की जाती है. विदित हो कि गढ़वा मंडी में रोजाना सैकड़ों छोटे और बड़े वाहन आसपास के क्षेत्रों से आकर फल, सब्जी और अनाज खरीदते हैं. यहां से खरीदी गयी सामग्री जिले के विभिन्न प्रखंडों के अलावा सीमावर्ती जिला पलामू तक भी पहुंचती है.

परिवहन शुल्क पर नियम क्या कहते हैं

झारखंड में कृषि उत्पादन बाजार समिति में वाहनों के प्रवेश और शुल्क संबंधी नियम झारखंड कृषि उपज और पशुधन विपणन (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम-2022 और झारखंड कृषि उपज बाजार अधिनियम-2000 के तहत आते हैं. राज्य की कई मंडियां, जैसे गढ़वा मंडी, बुनियादी सुविधाओं के अभाव और जर्जर स्थिति में हैं. इससे वाहन चालक और व्यापारी असुविधा में रहते हैं. कई मंडियों में परिवहन शुल्क, प्रवेश शुल्क या चेकपोस्ट शुल्क वसूला जाता रहा है, लेकिन कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि कोई शुल्क तभी वैध है जब उसके पीछे वैधानिक प्रावधान और बदले में सेवा हो. केवल परिवहन शुल्क लेने का सार्वभौमिक वैधानिक प्रावधान नहीं है जब तक वह किसी विशेष नियम, उपविधि या सेवा से जुड़ा न हो.

सचिव के आदेश पर लिया जा रहा परिवहन शुल्क: सहायक

बाजार समिति के सहायक आशीष कुमार ने कहा कि सचिव के निर्देश पर ही वाहनों से परिवहन शुल्क लिया जाता है. छोटे वाहनों से 10 और बड़े वाहनों से 20 रुपये लिये जाते हैं और रसीद भी दी जाती है. हालांकि कई वाहन चालक रसीद नहीं लेते और रसीद काटने वाले का विशेष ध्यान नहीं रहता. प्रभात खबर के प्रतिनिधि के आने पर रसीद काटना शुरू हुआ.

सरकार के नियमानुसार लिया जा रहा शुल्क: सचिव

कृषि उत्पादन बाजार समिति के सचिव राजीव रंजन ने कहा कि यह शुल्क झारखंड अधिनियम के तहत लिया जाता है और समिति के खाते में जमा होता है. इस राशि का उपयोग आवश्यकता अनुसार किया जाता है. सचिव ने बताया कि हर महीने परिवहन शुल्क के रूप में 2 से 2.5 हजार रुपये आते हैं. उन्होंने कहा कि समिति परिसर में स्वपोषित योजना के तहत दुकान बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है. स्वीकृति मिलने पर नयी दुकानें बनायी जायेंगी. इसके अलावा परिसर में टंकी लगाकर पेयजल आपूर्ति की जाती है और नियमित साफ-सफाई की जाती है.

जब कोई व्यवस्था नहीं है, तो किस बात का शुल्क : अध्यक्ष

कृषि उत्पादन बाजार समिति व्यावसायिक संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि व्यवसायियों के साथ मीटिंग के बाद यह निर्णय लिया गया था कि 5 और 10 रुपये शुल्क लिया जायेगा, जिससे बाजार परिसर के साफ सफाई करायी जायेगी और पेयजल आदि की व्यवस्था की जायेगी, लेकिन वर्तमान में शुल्क भी बढ़ा दिया गया है और कोई व्यवस्था नहीं है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Akarsh Aniket

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >