जनसुनवाई की हकीकत: कागजात दुरुस्त होने के बाद भी बुजुर्गों को नहीं मिल रही पेंशन, विरोध करने पर कार्डधारियों को मिल रही धमकी गढ़वा. जिला प्रशासन अक्सर दावा करता है कि हर गरीब तक राशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है. लेकिन मंगलवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित उपायुक्त अनन्य मित्तल की जनसुनवाई ने इन दावों की पोल खोल दी. यहां दर्जनों शिकायतें सामने आयीं, जिनमें गरीबों के अधिकारों की खुली लूट और प्रशासनिक लापरवाही साफ़ झलक रही थी. राशन घोटाले का खुलासा रमना प्रखंड के जोगिराल कला निवासी लक्ष्मण सिंह ने बताया कि उनके राशन कार्ड पर पिछले आठ महीने से डीलर खुद अंगूठा लगाकर राशन उठा रहा है. पूरा गबन समिति अध्यक्ष के पति द्वारा किया जाता है. विरोध करने पर उन्हें धमकियां दी गयीं. लक्ष्मण ने उपायुक्त से बकाया राशन दिलाने और दोषी डीलर पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की. पेंशन से वंचित बुजुर्ग खरौंधी प्रखंड के अरंगी निवासी गोपाल प्रजापति और महेंद्र चौधरी ने बताया कि उनकी सामाजिक सुरक्षा पेंशन महीनों से बंद है. सभी कागज़ी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद उनके खाते में राशि नहीं आ रही. यह प्रशासनिक सुस्ती का उदाहरण है, जिससे बुजुर्गों को आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है. मेराल प्रखंड के शहाबुद्दीन अंसारी अपनी अनाथ पोती के लिए सरकारी सहायता की गुहार लेकर पहुंचे. बच्ची के पालन-पोषण और शिक्षा के लिए मदद की ज़रूरत है. रमना प्रखंड के संजय यादव ने शिकायत की कि दर्ज केस के आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और गवाहों को धमका रहे हैं. लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई करें : उपायुक्त जनसुनवाई में उमड़ी भीड़ और शिकायतों की गंभीरता देखकर उपायुक्त अनन्य मित्तल ने अधिकारियों को फटकार लगायी. उन्होंने कहा कि जो मामले प्रखंड स्तर पर सुलझने चाहिए थे, उनके लिए गरीबों को जिला मुख्यालय क्यों आना पड़ रहा है. उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अनुमंडल और प्रखंड अधिकारी अपने स्तर पर जनसुनवाई को गंभीरता से लें और लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई करें.
गढ़वा में व्यवस्था की मार, कहीं आठ महीने से राशन डकार रहे डीलर, तो कहीं साल भर से बंद है पेंशन
जिला प्रशासन अक्सर दावा करता है कि हर गरीब तक राशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है.
