– डॉग स्क्वायड की मदद से वार्ड सदस्य हिरासत में, तंत्र-मंत्र और रंजिश की आशंका प्रतिनिधि, मझिआंव बरडीहा थाना क्षेत्र के ओबरा गांव में तीन वर्षीय मासूम अनुराग उरांव की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस की जांच अब अंधविश्वास के एंगल पर केंद्रित हो गयी है. पुलिस ने डॉग स्क्वायड की मदद से वार्ड नंबर आठ के सदस्य ललन उरांव को हिरासत में लिया है. पुलिस की प्राथमिक जांच और ग्रामीण सूत्रों के अनुसार, यह घटना तंत्र-मंत्र और आपसी रंजिश से जुड़ी हो सकती है. मंगलवार को जब मासूम का शव बोरे में बंद मिला, तो थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार सिंह ने गढ़वा से डॉग स्क्वायड की टीम बुलायी. जांच के दौरान जब खोजी कुत्ते को वह बोरा सुंघाया गया, जिसमें शव मिला था, तो वह सीधे वार्ड सदस्य ललन उरांव के घर की ओर गया. कुत्ता ललन के गेट से होते हुए उस चारपाई तक पहुंचा, जिस पर वह सोया हुआ था, और वहीं बैठ गया. पुलिस निरीक्षक बृज कुमार ने बताया कि इसी अहम सुराग के आधार पर ललन उरांव को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है. उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने अंधविश्वास के कारण हत्या की आशंका जतायी है और पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है. ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि ललन उरांव की पत्नी की करीब तीन माह पहले किसी अज्ञात बीमारी से मौत हो गयी थी. ओबरा गांव आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां आज भी अंधविश्वास की जड़ें गहरी बतायी जाती हैं. आशंका जतायी जा रही है कि ललन अपनी पत्नी की मौत के लिए अनुराग के परिवार को तंत्र-मंत्र के शक में जिम्मेदार मानता था. गांव में पहले भी अंधविश्वास के कारण हो चुकी है हत्या ओबरा गांव में अंधविश्वास के कारण हत्या का यह पहला मामला नहीं है. वर्षों पहले इसी गांव में एक दंपत्ती की भी अंधविश्वास के चलते हत्या कर दी गयी थी. सरकार और प्रशासन की ओर से जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद गांव में अब भी कुछ लोग वैज्ञानिक सोच के बजाय झाड़-फूंक पर भरोसा करते हैं. इस कुप्रथा का शिकार इस बार एक तीन साल का मासूम हो गया. क्या है पूरा मामला सोमवार शाम करीब चार बजे जैनेंद्र उरांव का पुत्र अनुराग दुकान के पास से लापता हो गया था. बाद में उसका शव घर के पीछे अरहर के खेत में बोरे में बंद मिला. घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है. पुलिस की जांच जारी है और शक के आधार पर वार्ड सदस्य से पूछताछ की जा रही है. यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह गंभीर चिंता का विषय होगा कि समाज के जिम्मेदार पद पर बैठे लोग ही ऐसे जघन्य अपराध में शामिल पाये जा रहे हैं.
मासूम की हत्या मामले में अंधविश्वास के एंगल पर हो रही जांच
- डॉग स्क्वायड की मदद से वार्ड सदस्य हिरासत में, तंत्र-मंत्र और रंजिश की आशंका
