नगर निकाय चुनाव से वार्डवासियों में खुलकर रखीं वार्ड की जमीनी समस्याएं
– बारिश के मौसम में गंभीर हो जाती है जलजमाव की समस्या, संक्रमण का रहता है खतरा
ग्राउंड रिपोर्टवार्ड 11
कुल आबादी 10,000आंकड़ों में वार्ड की तसवीर
कुल वोटर : 2551
महिला मतदाता : 1237
पुरुष मतदाता : 1314
बूथ की संख्या : 2
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जितेंद्र सिंह, गढ़वानगर निकाय चुनाव की सरगर्मी के बीच सोमवार को प्रभात खबर की ओर से वार्ड संख्या-11 में एक परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें वार्ड के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया. परिचर्चा का उद्देश्य नगर निकाय चुनाव से पूर्व वार्ड की वास्तविक समस्याओं, विकास की स्थिति और जनता की अपेक्षाओं को सामने लाना था. नगर निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही वार्ड नंबर-11 में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गयी हैं. चौक-चौराहों, गली-मोहल्लों और चाय दुकानों पर चुनावी चर्चाएं आम हो चुकी हैं. प्रत्याशी और समर्थक अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं, लेकिन इन सबके बीच वार्ड की जमीनी हकीकत यह है कि बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे आज भी लोगों की प्राथमिकता में सबसे ऊपर हैं. करीब 10 हजार की आबादी वाला वार्ड नंबर-11 नगर परिषद के महत्वपूर्ण वार्डों में शामिल है. यहां मध्यम वर्गीय कॉलोनियों के साथ-साथ घनी आबादी वाली बस्तियां भी हैं. वार्ड में कुल दो मतदान केंद्र और चार प्रमुख मोहल्ले हैं, जहां बड़ी संख्या में मतदाता निवास करते हैं. इसी कारण समस्याएं भी विविध और जटिल हैं. परिचर्चा के दौरान वार्डवासियों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं. अधिकांश लोगों ने जलजमाव को वार्ड की सबसे गंभीर समस्या बताया. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर बरसात में दर्जनों घर पानी से घिर जाते हैं, जिससे आवागमन बाधित होता है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. लोगों का आरोप है कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी, जो कार्य हुए भी वे केवल आंशिक साबित हुए. साथ ही सड़क और नाली निर्माण कार्यों को भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं बताया गया. वार्डवासियों का कहना है कि चुनाव के समय मुद्दे जरूर उठते हैं, लेकिन चुनाव बाद समस्याएं फिर हाशिये पर चली जाती हैं.
…………………….जनता की राय
अपेक्षाकृत विकास के काम नहीं हुए : धनंजय ठाकुरधनंजय ठाकुर ने कहा कि वार्ड में विकास कार्य जनसंख्या और जरूरतों के हिसाब से नाकाफी हैं. सड़क, नाली और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं में कई कमियां अब भी बनी हुई हैं.
विकास हुआ है, लेकिन काफी काम बाकी : अजय सिन्हाअजय सिन्हा ने कहा कि यह कहना गलत होगा कि विकास नहीं हुआ, लेकिन कई जरूरी कार्य अब भी अधूरे हैं, जिन्हें प्राथमिकता से पूरा किया जाना चाहिए.
अपेक्षा के अनुरूप विकास हुआ है : रंगनाथ पांडेयसेवानिवृत्त शिक्षक रंगनाथ पांडेय ने कहा कि वार्ड में जरूरत के अनुसार विकास कार्य हुए हैं. कुछ कार्य अधूरे हैं, लेकिन आने वाले वर्षों में इनके पूरे होने की उम्मीद है.
गरीबों के हित में योजनाओं की जरूरत : मुकेश कुमार युवा मतदाता मुकेश कुमार ने कहा कि केवल सड़क और नाली से विकास नहीं होता. गरीब और कमजोर वर्ग के लिए रोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर विशेष ध्यान जरूरी है.सीसी सड़कें बनीं, लेकिन अधूरा काम भी : सत्येंद्र पाल
सत्येंद्र पाल ने कहा कि वार्ड में कई नयी पीसीसी सड़कों और नालियों का निर्माण हुआ है, हालांकि कुछ मोहल्लों में काम अब भी अधूरा है, जिसे पूरा कराने की जरूरत है.वार्ड का चहुंमुखी विकास जरूरी : भास्कर
स्थानीय निवासी भास्कर ने कहा कि सड़क, नाली, बिजली और पानी के साथ-साथ क्षेत्र की शिक्षा, रोजगार, स्वच्छता और सामाजिक सुविधाओं पर भी ध्यान देना जरूरी है.डेढ़ दशक से जलजमाव की समस्या : प्रदीप कुमार वर्मा
प्रदीप कुमार वर्मा ने साहिजना स्थित बाबा सोमनाथ मंदिर के समीप जलजमाव की गंभीर समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि बरसात में दर्जनों घर पानी से घिर जाते हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका.पूर्व पार्षद ने कहा
वार्ड के सर्वांगीण विकास का किया हरसंभव प्रयास : सत्यवती देवीवार्ड संख्या-11 की पूर्व पार्षद सत्यवती देवी ने कहा कि अपने कार्यकाल में उन्होंने सड़क निर्माण, नाली सफाई, हर घर नल-जल योजना, स्ट्रीट लाइट और स्वच्छता अभियान पर विशेष ध्यान दिया. सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया गया. उन्होंने जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर परिषद बोर्ड में कई बार प्रस्ताव रखने की बात कही, लेकिन नगर प्रबंधन की उदासीनता के कारण समाधान नहीं हो सका.
एक्सपर्ट बोलेचुनाव में बुनियादी सुविधाओं पर हो फोकस : विनोद कमलापुरी
जायंट्स फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष सह रेडक्रॉस पदाधिकारी विनोद कमलापुरी ने कहा कि नगर परिषद बनने के बावजूद शहर की बुनियादी सुविधाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है. सफाई व्यवस्था, ठोस कचरा प्रबंधन, नदियों में गिरते गंदे पानी और कूड़े पर चिंता जताते हुए उन्होंने वैज्ञानिक कचरा निस्तारण और वार्षिक विकास कैलेंडर की जरूरत बतायी. उन्होंने कहा कि जब नगर परिषद की आमदनी करोड़ों में है, तो योजनाबद्ध विकास, पार्किंग, चौड़ी सड़कें, पर्याप्त रोशनी और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए.