गढ़वा. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नालसा के निर्देश पर भारत में चल रहे 90 दिवसीय मध्यस्थता कार्यक्रम जो एक जुलाई से संचालित किया जा रहा है. इसको लेकर सोमवार को प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार की अध्यक्षता में जिलेभर के सभी न्यायिक पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा लंबित वादों में पहचान कर उन्हें मध्यस्थता के लिए भेजा जाये और मध्यस्थों द्वारा मध्यस्थता के माध्यम से सुलह कराया जाये और वादों का निष्पादन किया जाये. उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक मामलों का मध्यस्थता के माध्यम से निष्पादन करना है. उन्होंने कहा कि समस्या है, तो समाधान है. वाद के जड़ तक जाइये और समाधान वहीं मिलेगा. जो वाद के पक्षकार आते हैं उनसे शांतिपूर्ण भावना के साथ बात करें, उन्हें मध्यस्थता का गुण समझायें और सुलभ न्याय से परिचय करवायें. इस मौके पर प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय ने मध्यस्थों को निर्देश दिया कि सभी मध्यस्थों को नियमित रूप से उपस्थिति सुनिश्चित करायें और मामले का निष्पादन करें. उन्होंने इस कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार करने का भी निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि वैवाहिक विवाद दुर्घटना, दावा मामले, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, व्यवसायिक विवाद, उपभोक्ता विवाद, दिवानी मामले आदि मामलों का निष्पादन इसमें किया जायेगा.
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