सुदिव्य सोनू के निधन से झामुमो और झारखंड को अपूरणीय क्षति : धीरज दुबे

झामुमो नेता धीरज दुबे ने सुदिव्य सोनू के निधन पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने सोनू को पार्टी का मजबूत स्तंभ और कुशल रणनीतिकार बताया.

गढ़वा. झामुमो मीडिया पैनलिस्ट सह केंद्रीय सदस्य धीरज दुबे ने मंत्री सुदिव्य सोनू के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि सुदिव्य सोनू का निधन झामुमो परिवार के साथ पूरे झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है. धीरज दुबे ने कहा कि वर्ष 1989 में झामुमो से जुड़ने के बाद सुदिव्य सोनू ने संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. गिरिडीह नगर कमिटी के संस्थापक अध्यक्ष से लेकर जिलाध्यक्ष और मंत्री तक के सफर में उन्होंने पार्टी के प्रति पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम किया. उन्होंने कहा कि सुदिव्य सोनू को पार्टी की रणनीति और चुनावी समीकरणों की गहरी समझ थी. संगठन को मजबूत करने के लिए वे लगातार महत्वपूर्ण सुझाव देते रहते थे.

महत्वपूर्ण थिंक टैंक थे सुदिव्य सोनू

धीरज दुबे ने कहा कि सुदिव्य सोनू झामुमो के महत्वपूर्ण थिंक टैंक के रूप में सक्रिय थे. संगठन और चुनाव से जुड़े मामलों में उनकी समझ पार्टी के लिए काफी महत्वपूर्ण थी. उनके विचार, संघर्ष और संगठन के प्रति समर्पण आने वाले समय में भी कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते रहेंगे. धीरज दुबे ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिजनों को इस दुख की घड़ी में धैर्य प्रदान करने की कामना की.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >