गढ़वा. जिले में मानवता और सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश करते हुए समाजसेवी शौकत खान ने तीन अनाथ और बेसहारा बच्चों के जीवन में उम्मीद की रोशनी जलायी है. रविवार सुबह एक सेवानिवृत्त फौजी ने शौकत खान को फोन कर सूचना दी कि उनके गांव में तीन छोटे-छोटे मासूम बच्चे हैं, जिनके पिता का कुछ दिन पहले निधन हो गया था, जबकि उनकी माता का देहांत नौ दिन पूर्व हो चुका है. रविवार को बच्चों की माता का दसवां संस्कार था, जिसके लिए परिवार के पास न तो संसाधन थे और न ही बच्चों के भविष्य की कोई व्यवस्था. सूचना मिलते ही शौकत खान ने बच्चों की पूरी जानकारी ली और बिना विलंब किये राहत सामग्री लेकर उनके गांव पहुंचे. उन्होंने बच्चों को चावल, आटा, दाल, सरसों तेल, रिफाइंड तेल, मसाले, चीनी, गुड़, चूड़ा, बिस्कुट, ब्रेड, नहाने व कपड़े धोने का साबुन, सर्फ, सहित दैनिक उपयोग की सभी आवश्यक सामग्री उपलब्ध करायी. इस दौरान शौकत खान ने बच्चों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि यह संकट पहाड़ जैसा है, लेकिन आप अकेले नहीं हैं. आज ही नहीं, बल्कि आगे भी हर जरूरत में हम आपके साथ खड़े रहेंगे. उन्होंने यह भी घोषणा की कि तीनों बच्चों की पूरी शिक्षा का खर्च वे स्वयं उठायेंगे और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर सहयोग करते रहेंगे.
तीन अनाथ मासूमों का सहारा बने समाजसेवी शौकत खान
तीन अनाथ मासूमों का सहारा बने समाजसेवी शौकत खान
