गढ़वा से अविनाश सिंह की रिपोर्ट
Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले की जीवनदायिनी और आस्था का केंद्र मानी जाने वाली सरस्वती नदी को बचाने और उसे पूरी तरह कचरा मुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) ने संयुक्त पहल शुरू की है. इस अभियान के तहत न केवल नदी की सफाई को गति दी जा रही है, बल्कि लोगों को जागरूक कर नदी संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने की कोशिश भी की जा रही है.
एसडीएम संजय कुमार के अभियान को मिला नया सहयोग
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष मनोज प्रसाद के निर्देश पर डीएलएसए की सचिव निभा रंजना लकड़ा ने इस अभियान को नई दिशा दी है. शनिवार को अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार के नेतृत्व में चल रहे ‘आपन सरस्वतीया नदी सफाई अभियान’ को और प्रभावी बनाने के लिए पैरा लीगल वालंटियर्स (पीएलवी) की एक विशेष टीम गठित की गई. इस टीम का उद्देश्य केवल सफाई अभियान में सहयोग करना ही नहीं, बल्कि आम लोगों को भी नदी संरक्षण के लिए प्रेरित करना है.
जागरूकता अभियान के जरिए लोगों से जुड़ने की कोशिश
अभियान के तहत बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत की गई. डीएलएसए की सचिव निभा रंजना लकड़ा ने आम लोगों से सीधा संवाद करते हुए नदी को स्वच्छ रखने और इसके संरक्षण में भागीदारी निभाने की अपील की. उन्होंने कहा कि सरस्वती नदी को कचरा मुक्त बनाना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक और सामाजिक दायित्व है. लोगों को नदी में प्लास्टिक, पूजा सामग्री और अन्य अपशिष्ट नहीं फेंकने चाहिए, ताकि नदी का प्राकृतिक स्वरूप सुरक्षित रह सके.
पीएलवी की टीम निभाएगी अहम भूमिका
डीएलएसए सचिव ने जिले के सभी पैरा लीगल वालंटियर्स को निर्देश दिया है कि वे केवल कागजी कार्यों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीन पर उतरकर सफाई अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं. अब पीएलवी की टीम गांव-गांव और बाजारों में जाकर ग्रामीणों और स्थानीय दुकानदारों को नदी संरक्षण के प्रति जागरूक करेगी. साथ ही यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि कोई भी व्यक्ति नदी के जल को प्रदूषित न करे.
ऐतिहासिक नदी के पुनर्जीवन की दिशा में पहल
निभा रंजना लकड़ा ने कहा कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर प्रयास करें तो ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व रखने वाली नदियों को पुनर्जीवित किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि स्वच्छ नदी न केवल पर्यावरण संतुलन के लिए जरूरी है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक अमूल्य धरोहर है.
एसडीएम संजय कुमार के प्रयासों की सराहना
कार्यक्रम के समापन पर डीएलएसए सचिव ने अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार के प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की. उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और व्यस्त प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बावजूद एसडीएम संजय कुमार जिस समर्पण के साथ ‘आपन सरस्वतीया नदी सफाई अभियान’ को आगे बढ़ा रहे हैं, वह पूरे जिले के लिए प्रेरणादायक है. उन्होंने कहा कि नदी के जीर्णोद्धार के लिए तैयार की जा रही रूपरेखा सराहनीय है और अन्य क्षेत्रों के लिए भी अनुकरणीय उदाहरण बन सकती है.
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संयुक्त प्रयासों से जगी नई उम्मीद
प्रशासन और विधिक सेवा प्राधिकार के इस साझा प्रयास से सरस्वती नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन को लेकर लोगों में नई उम्मीद जगी है. स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इसी तरह सामूहिक भागीदारी और जनजागरूकता बढ़ती रही, तो आने वाले दिनों में सरस्वती नदी एक बार फिर अपने स्वच्छ और प्राकृतिक स्वरूप में दिखाई दे सकेगी.
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