नियम-कानून ताक पर, बेतरतीब होर्डिंग्स से बिगड़ रही शहर की सुंदरता

नगर परिषद की निष्क्रियता पर उठ रहे सवाल

नगर परिषद की निष्क्रियता पर उठ रहे सवाल

पीयूष तिवारी, गढ़वा

गढ़वा शहरी क्षेत्र में बिना अनुमति और शुल्क चुकाए जहां-तहां होर्डिंग्स व बैनर लगाये जा रहे हैं. राजनीतिक दलों, संस्थानों और प्रतिष्ठानों की ओर से नियमों की अनदेखी हो रही है, जबकि नगर परिषद प्रशासन इस पर कार्रवाई करने में निष्क्रिय बना हुआ है.

शहर की खूबसूरती और राजस्व दोनों पर असर

सड़क किनारे, खंभों पर, नगर परिषद द्वारा बनाये गये स्थायी स्ट्रक्चर्स पर और यहां तक कि आम लोगों के घरों की दीवारों व छतों पर भी बेतरतीब तरीके से होर्डिंग्स लगे हैं. इससे न केवल शहर की सुंदरता बिगड़ रही है, बल्कि नगर परिषद को लाखों रुपये का राजस्व नुकसान भी हो रहा है.

नेताओं के बैनर सबसे बड़ी परेशानी

बताया जाता है कि नगर परिषद को सबसे ज्यादा दिक्कत नेताओं से होती है. राजनीतिक गतिविधियों के दौरान बिना अनुमति के बैनर लगाये जाते हैं और इन्हें लंबे समय तक हटाया भी नहीं जाता. प्रशासन सिर्फ चुनाव के दौरान ही इन्हें हटाने में सक्रिय होता है.

नगर परिषद क्षेत्र में कितने होर्डिंग स्ट्रक्चर

वर्तमान में नगर परिषद ने 10 स्थायी होर्डिंग स्ट्रक्चर लगाये हैं. इनमें से पांच 100 स्क्वायर फीट के और पांच इससे बड़े हैं. पहले चार-पांच और स्ट्रक्चर भी थे, लेकिन सड़क और नाली निर्माण के दौरान इन्हें हटा दिया गया. नगर परिषद क्षेत्र में करीब 110 से अधिक खंभे हैं, जहां बैनर लगाया जाते हैं.

राजस्व में भारी नुकसान

वर्तमान में कुछ ही संस्थान नगर परिषद को शुल्क जमा कर अनुमति लेते हैं, जिससे सालाना औसतन तीन लाख रुपये की आमदनी होती है. जबकि यदि नियमों का पालन किया जाये, तो नगर परिषद को करीब 10 लाख रुपये सालाना राजस्व मिल सकता है.

नगर परिषद का शुल्क निर्धारण

100 स्क्वायर फीट स्थायी होर्डिंग पर बैनर : ₹1000 प्रति सप्ताह

100 स्क्वायर फीट से बड़े होर्डिंग पर : ₹2000 प्रति सप्ताह

खंभे/पोल पर बैनर : ₹1 प्रति स्क्वायर फीट प्रति सप्ताह

कानून क्या कहता है

झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 के तहत बिना अनुमति निजी भवन पर होर्डिंग लगाने पर 15 दिन के भीतर अनुमति लेना जरूरी है, अन्यथा जुर्माना लगाया जा सकता है. अधिनियम की धारा 602 और 172(5) के तहत नगर परिषद के स्थायी होर्डिंग स्ट्रक्चर पर अवैध बैनर लगाने पर भी जुर्माने का प्रावधान है.

समय-समय पर कार्रवाई : नगर परिषद

सिटी मैनेजर ओमकार यादव का कहना है कि समय-समय पर कार्रवाई की जाती है. सड़क और नाली निर्माण कार्य पूरा होने के बाद नगर परिषद की ओर से इस व्यवस्था को रिवाइज किया जायेगा और कई नये स्ट्रक्चर भी लगाये जायेंगे.

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Author: DEEPAK

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